रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जनवरी। छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 50वां वार्षिक अधिवेशन 18 जनवरी को बूढ़ा तालाब स्थित सरदार बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया है। इस वार्षिक अधिवेशन में छत्तीसगढ़ के लगभग 22 जिलों के 5000 सदस्य सम्मिलित होंगे।
समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि करीब 400 साल पहले साल 1627 ईस्वी में मुगल बादशाह शाहजहां के आतंक से त्रस्त होकर अग्रवालों के पूर्वज छत्तीसगढ़ पहुंचे और यहां की संस्कृति और त्योहार को अपनाकर छत्तीसगढिय़ा हो गए. अग्रवालों के पूर्वजों को छत्तीसगढ़ से जो भी मिला उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ के विकास में लगा दिया. छत्तीसगढ़ के विकास में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने बड़ा योगदान दिया है ।
छत्तीसगढ़ महतारी से जो प्यार दुलार मिला उस दायित्व बोध को हमारे समाज ने छत्तीसगढ़ में अनेकों शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सालय, तालाब, कुवे, धार्मिक स्थल का निर्माण कराया। छत्तीसगढ़ के लोगों ने हमें इन्हीं कर्म से दाऊ नाम का प्यार भरा संबोधन और सम्मान दिया। हमारा सदैव उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सामाजिक सांस्कृतिक समरसता व छत्तीसगढ़ विकास के लिए कार्य करना रहता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस वर्ष हमने छत्तीसगढ़ की सामाजिक समरसता को समर्पित करते हुए देश के नामी कर्मियों को आमंत्रित कर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्पीकर रमन सिंह रहेंगे. विसिहत अतिथि विजय शर्मा अरुण साव,भूपेश बघेल बृजमोहन अग्रवाल, किरण देव , महापौर , सभी विधायक रहेंगे।
इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देवास के कवि एवं संचालक डॉ. शशिकांत यादव, मेरठ के वीर रस कवि डॉ. हरिओम पवार, बिहार के हास्य सम्राट कवि शंभु शिखर, प्रतापगढ़ के पैरोडीकार पार्थ नवीन, छत्तीसगढ़ के गीतकार रमेश विश्वहास, आगरा की गीत-गजल कवि सुश्री योगिता चौहान और छत्तीसगढ़ के कवि भरत द्विवेदी शामिल होने वाले हैं।


