रायपुर
इनमें दो ओडिसा के तस्कर भी शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जनवरी। जिला सत्र एनडीपीएस विशेष न्यायालय ने गांजा रखने और उसे बेचने के मामले में कोतवाली इलाके से गिरफ्तार आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। जज श्रीमति किरण थवाईत ने गणेश बगर्ति, विक्रम साह, अनिल उर्फ अली, प्रियवंत कुम्हार, रवि साहू और संजय उर्फ लेन्डी को 10 साल जेल और प्रत्येक पर 1 लाख रूपए का जुर्माना लगाया है।
आरोपी है कि आरोपी गणेश, विक्रम, अली उर्फ अनिल ने दिसम्बर 2024 को प्रियवंत 10दिसम्बर2024 को दोपहर कालीबाड़ी चौक, के पास अपने पास अवैध गांजा रखे थे। और उसे बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहे थे। इनके पास लगभग 4 किलो, 4 किलो, 2 किलो एवं 6.880 किलो गांजा को अवैध रूप से अपने कब्जे में रखे थे। इसके अलावा रवि साहू के विरूद्ध धारा-29 सहपठित धारा 20 (बी) (2) (बी) लगाया गया। इससे पूर्व 7 दिसम्बर को भी वे गांजा तस्करी के आरोपी रहे हैं। अपने घर में 1.02 किलो गांजा को बेचने के लिए रखे थे। इसके अलावा संजय उर्फ लेन्डी झुल्फेकर भी गांजा रखा था।
कोतवाली पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर पहले तीन लडक़ों को को पकड़ा। ये लडक़े कालीबाड़ी चौक के पास गांजा बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहे थे। मुखबिर के बताये हुलिए के तीन व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। जिसे टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम गणेश बागर्ती, विक्रम शाह, अनिल उर्फ अली जुल्फेकार बताया।
गणेश बागर्तिं के कब्जे के स्लेटी रंग के बैग से 2 पैकेट, विक्रम शाह के नीले रंग के बैग से 2 पैकेट एवं अनिल के पास से 1 पैकेट गांजा बरामद किया। अभियुक्त गणेश बागर्ती के कब्जे से 4 किलो, विक्रम शाह के पास से 4 किलो एवं अनिल उर्फ अली 2 किलो इस प्रकार तीनों के पास से 10 किलो गांजा रखा होना पाया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपयिों ने अपने अन्य दो साथियों की संलिप्तता होना बताया। इस पर पुलिस ने प्रियवंत कुम्हार की पता तलाश कर पकड़ा उसके कब्जे से 6 किलो 880 ग्राम गांजा व जप्त कर गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार पूछताछ के दौरान रवि साहू, संजय लेन्डी की पतासाजी को बैरन बाजार के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को एनडीपीएस अदालत में पेश किया गया। जहां पर सरकारी वकील बीएल साहू ने अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने अभियोजन की और से प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों की सही मानते हुए पांचों आरोपियों को 10-10 साल जेल और प्रत्येक को 1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है।


