रायपुर

पाप का फल भुगतना होगा- चिन्मयानंद
11-Jan-2026 7:35 PM
पाप का फल भुगतना होगा- चिन्मयानंद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 11 जनवरी। अवधपुरी मैदान, गुढिय़ारी में जारी  भगवद कथा के चौथे दिन चिन्मयानंद  महाराज कहा कि  हमें अपनी संगति अच्छी रखनी चाहिये. इन्द्रियों, आहार पर भी नियंत्रण आवश्यक है. प्रपंची लोगों से दूर रहना चाहिए. भगवान का दर्शन चरण, कटिमेखला, वक्ष स्थल फिर मुख की ओर देखकर करना चाहिये.

महाराजश्री ने सृष्टि की रचना पर भी भक्त श्रोताओं को विस्तार से समझाया।किस तरह जगत में श्री विष्णु नारायण जी, ब्रह्मा जी प्रगट हुए और ब्रह्मा जी तप कर विधाता बने।श्री विष्णु नारायण जी जगत के भीतर और बाहर सभी ओर हैं।भ्रम का प्रकट होना और सत्य का छुपा होना।यह कैसे होता है उन्हें बहुत ही सरल तरीके से बताया।महाराज श्री ने राजा परिक्षित को श्री शुकदेव जी द्वारा श्रीमद् भगवद् के तृतीय अध्याय में दिये गए ज्ञान को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा हमारा सनातन धर्म दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है। हमें भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर, बल पूर्वक दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हम प्रेम में विश्वास करते हैं।यही प्रेम हमारे धर्म, संस्कृति की पहचान है।

प्रारब्ध को समझाते हुए महाराजश्री ने कहा कि यदि कोई पापी, पाप कर भी सुखी दिख रहा है तो वह उसके द्वारा किये कुछ पुण्य कार्य के कारण है, जैसे ही पुण्य किये कार्य का समय पूर्ण होगा वैसे ही पाप का फल भुगतान होगा।

महाराजश्री ने कंस की क्रूरता एवम् भगवान श्री कृष्ण के कारागार में जन्म की कथा सुनाई ।जिसका प्रत्यक्ष मंचन भी किया गया।श्री कृष्ण जन्मोत्सव मंचन में हजारों श्रद्धालु संगीतमयी भजनों में झूमने लगे.

कथा स्थल में आज  मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी कौशल्या देवी  उपस्थित रहीं जिनका महाराजश्री ने मंच से स्वागत किया।  कथा आयोजक विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के जितेन्द्र अग्रवाल सारिका अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, ओमप्रकाश मिश्रा, मयंक वैद्य, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी, रोहित मिश्रा,आशीष तिवारी, नितिन कुमार झा आदि आरती एवं व्यवस्था में शामिल रहे।


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