रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 जनवरी। रेलवे ने दावा किया है कि दिसंबर के दौरान अवसंरचना विकास, संरक्षा संवर्धन तथा ट्रैक अनुरक्षण के कई महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण करते हुए रायपुर रेल खंड में ट्रेनों की गति और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है।
दुर्घटनाओं की संभावना को समाप्त करने तथा सडक़-रेल संपर्क बिंदुओं पर सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लेवल क्रासिंग फाटकों को स्थायी रूप से बंद किया गया। इनमें 378, निपनिया यार्ड, कि.मी. 749/13–15, 404, बैकुंठ-सिलयारी खंड, कि.मी. 802/21-23 इन समपार फाटकों के बंद होने से सडक़ एवं रेल यातायात के बीच टकराव की संभावना में कमी आई है तथा ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु हुआ है।
इसी तरह से गिर्डर पुल पर असंगत एलाइनमेंट के कारणसरोना-कुम्हारी मिडिल लाइनपर लगाया गया110 किमी प्रति घंटा का स्थायी गति प्रतिबंध सफलतापूर्वक हटाया गया है। इसके लिए रेल लाइन पर चैनल स्लीपरों का नवीनीकरण, तथा खारुन पुल पर एलाइनमेंट रिटेनरों की व्यवस्था कर अधिकतम अनुमेय गति बढ़ाकर130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है, जिससे लाइन क्षमता में वृद्धि, बेहतर संचालन एवं यात्रा समय में कमी आई है।
निपनिया यार्ड में क्रॉस ओवर संख्या 41की लंबाई में सुधार कर यार्ड सुधार कार्य किया गया, जिससे परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही दिसंबर तक कुल तीन ले आउट करेक्शन कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें निपनिया यार्ड-क्रॉसओवर संख्या 41्र,आर.एस.डी. यार्ड -क्रॉसओवर संख्या 73 बी मरौदा यार्ड - क्रॉसओवर संख्या 43 ये सुधार यार्ड क्षेत्रों में ट्रेनों की सुचारु आवाजाही, परिचालन लचीलापन एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हैं।
ट्रैक की दीर्घकालिक मजबूती एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने रेल नवीनीकरण- 1.4 कि.मी.
स्लीपर नवीनीकरण : 7.1 कि.मी.ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग-9.55 कि.मी.।
टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग- 10 संख्या
इन कार्यों से बैलास्ट की स्थिति, ट्रैक ज्यामिति एवं राइडिंग क्वालिटी में सुधार हुआ है।रेल में आंतरिक दोषों की समय पर पहचान एवं रेल फ्रैक्चर की रोकथाम हेतु483.44 कि.मी.ट्रैक पर यूएसएफडी परीक्षणकिया गया। यह परीक्षण रेल की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


