रायपुर
आयकर छापे जारी, 5 करोड़ रुपए, 5 किलो सोना, 17 बैंक लाकर भी मिले
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 दिसंबर। हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप और उसके संबंधित स्पंज आयरन और कॉइल व्यवसायों के 42 ठिकानों में से तीसरे दिन भी आयकर टीमें डटीं हुईं हैं। अब तक केवल एक ठिकाने में जांच पूरी हो पाई है। इस दौरान पांच और बैंक लाकर मिले (कुल 17 ) है। केवल दो ही आपरेट किए गए बाकी लाकर में पीओ आर्डर चस्पा कर दिया गया है।
इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह छापा अरविंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल और विपिन अग्रवाल के रायपुर व्यावसायिक- आवास परिसरो के साथ-साथ ओम स्पंज, देवी स्पंज और उनसे जुड़े संस्थाओं में जारी है । गुरुवार को टीमें एक साथ 42 से ज़्यादा जगहों पर पहुंचीं थीं जिनमें कारखाने, कॉर्पोरेट कार्यालय और आलीशान आवास शामिल थे। यहां जांच के दौरान क?ई किलो में
लैपटॉप, डेस्कटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कच्चे पक्के लेन-देन के बिल को एविडेंस एक्ट के तहत सीज किया है । इनकी प्रारंभिक जांच में आयकर को करीब 200 करोड़ की कर चोरी का आंकलन किया है।अग्रवाल बंधुओं के ठिकानों से 5 करोड़ कैश, 5 किलो सोना और जेवर जब्त किए गए हैं। जेवर आयकर एक्ट के दायरे में होने से जब्त नहीं किए गए हैं।
अधिकारियों की टीम सिलतरा इंडस्ट्रियल एस्टेट, उर्ला इंडस्ट्रियल एरिया और टिल्डा क्षेत्र में 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को अपने कब्जे में लिया हुआ है। ऊंची कीमत वाली सोसायटी सिग्नेचर होम्स में फैले आवासीय और कॉर्पोरेट परिसरों को भी कवर किया गया।
आयकर जांच शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दूसरे दिन की जाँच में ढेर सारे आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले, जिनमें कच्चे बहीखाते, उत्पादन-स्टॉक के बेमेल रिकॉर्ड, आंतरिक लाभ-दमन पत्रक और क्रॉस-एंटिटी समायोजन नोटिंग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कथित कर चोरी के पैमाने और संरचना का पता लगाने के लिए छापे में मिले कच्चे पक्के लेन-देन के दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।इन कारोबारियों ने लैपटॉप, डेस्कटॉप, पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस, स्मार्टफोन, आईफोन और क्लाउड-लिंक्ड खातों की क्लोनिंग कर रखा था ।
मुंबई और कोलकाता के साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञ इन ज़ब्तियों की जांच कर रहे हैं।सभी डिजिटल ज़ब्ती भारतीय साक्ष्य अधिनियम (आईईए) की धारा 65बी के तहत की गई है, जिससे साक्ष्य की अखंडता सुनिश्चित होती है। निकाले गए डेटा की गहन जाँच की जाएगी ताकि छिपे हुए लेनदेन, सर्कुलर बिलिंग पैटर्न और संबंधित पक्ष के धन प्रवाह की पहचान की जा सके । इन सामग्री जो बाद के चरणों में कुल कर चोरी और उसकी देयता मूल्यांकन का आधार बनने की उम्मीद है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि तलाशी अभियान में समूह की संस्थाओं और सहयोगियों से जुड़े 17 बैंक लॉकर भी मिले। शुक्रवार को कुछ लॉकर खोले गए, जिनमें निवेश संबंधी कागजात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ मिले, जबकि बाकी को निषेधाज्ञा (पीओ) के तहत ज़ब्त कर लिया गया है। एक जांचकर्ता ने कहा, लॉकरों की जाँच से विसंगतियों और छिपी हुई आय का एक नया स्तर सामने आने की उम्मीद है।
शुक्रवार की कार्यवाही के दौरान, कर अधिकारियों ने धारा 132(4) के तहत प्रवर्तकों और संबंधित कर्मियों के बयान भी दर्ज किए, जबकि व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े व्यक्तियों की धारा 131(1)ए के तहत जाँच की गई। दूसरे दिन नकदी और कीमती सामानों का मात्रात्मक विवरण भी मिला: लगभग 5 करोड़ रुपये नकद और 5 किलो सोने के आभूषण मिले। हालाँकि, प्रारंभिक सत्यापन से पता चलता है कि ये संपत्तियाँ प्रकट किए गए अभिलेखों से मेल खाती हैं और आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित अनुमेय सीमा के भीतर आती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि जांच अब गहन फोरेंसिक और विश्लेषणात्मक चरण में प्रवेश कर रही है, तथा एक परिसर को छोडक़र, तलाशी अभियान सप्ताहांत तक जारी रहेगा और संभवत: रविवार, 7 दिसंबर तक चलेगा, क्योंकि टीमें विस्तृत साक्ष्यों का मूल्यांकन करेंगी और संदिग्ध कर चोरी के पैमाने का आकलन करेंगी।
छापे की पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रिंसिपल डायरेक्टर, 1996 बैच के आईआरएस अधिकारी के रवि किरण ने की। फील्ड-लेवल कमांड जॉइंट डायरेक्टर इनकम टैक्स भरत शेगांवकर, (2013 बैच) के पास थी, जबकि नवल जैन, (2020 बैच) के नेतृत्व में चल रहा है । इनके साथ
रायपुर, भिलाई, दुर्ग और जगदलपुर से लगभग 40 टैक्स अधिकारी तैनात है। इन्हें लगभग 150 सीआरपीएफ जवान सुरक्षा कवर दे रहे हैं।


