रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 सितंबर। प्रदेश के अलग-अलग विभागों में काम कर रहे अनियमित कर्मचारियों ने आंदोलन के अगले चरण में दांडी यात्रा निकालने का फैसला लिया है। दो अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं होने की दशा में यात्रा निकाली जाएगी।
ठेका प्रथा, और प्लेसमेंट का विरोध में रहने के बाद भी मौजूदा सरकार ने सत्तारूढ़ होने के बाद यह प्रथा न केवल निरंतर जारी रखा हुए है। पूर्ववर्ती सरकार में जिन ठेकेदारों का विरोध किया गया था, उन्हीं ठेकेदारों को फिर से ठेका दिया गया है। ‘वादा के सूरता-मुख्यमंत्री निवास घेराव‘ आंदोलन की अगली कड़ी में 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक नियमितिकरण न होने पर दांडीयात्रा निकालने का निर्णय हजारों कर्मचारियों की उपस्थिति में आमसभा में लिया गया।
इससे पहले शनिवार को बूढ़ातालाब धरना स्थल पर 36 अनियमित कर्मचारी, 36 घंटे के लिए आमरण अनशन पर बैठे रहे तथा हजारों की संख्या में अनियमित कर्मचाारी गर्मजोशी से नारेबाजी करते हुए रैली की शक्ल में मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर घेराव करने आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सप्रे शाला के सामने आंदोलनकारियों को रोक लिया। नाराज अनियमित कर्मचारियों ने सडक़ पर बैठ कर घंटों धरना दिया।


