रायगढ़

विचाराधीन बंदी की अस्पताल में मौत, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
15-Jun-2026 3:57 PM
विचाराधीन बंदी की अस्पताल में मौत, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायगढ़, 15 जून। जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक हिरासत के दौरान एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, विधायक, कलेक्टर, एसपी और कोतरारोड़ थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और जेल अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने तथा परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।

रायगढ़ जिला मुख्यालय रविवार की सुबह गांव के ग्रामीण भारी संख्या में पहुंचे यहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि ग्राम नावापारा निवासी 30 वर्षीय संजय बघेल को 10 जून को कोतरारोड़ पुलिस द्वारा एक शराब संबंधी मामले में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने संजय बघेल के साथ मारपीट की और मामले को रफा-दफा करने के लिए कथित रूप से दो लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि बाद में सौदेबाजी के तहत 40 हजार रुपये लेने के बावजूद उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया।

परिवार का दावा है कि संजय बघेल पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। वह अपने माता-पिता, पत्नी और दो नाबालिग बेटियों का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल और पुलिस प्रशासन की हिरासत में उसके साथ गंभीर मारपीट की गई, जिसके कारण उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और मुंह से खून निकल रहा था।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि संजय की मौत की सूचना परिजनों को समय पर नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि मौत के बाद पहले उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और बाद में सूचना दी गई, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है। परिजनों का कहना है कि जब उन्हें शव दिखाया गया तब शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए, जिनके फोटो और वीडियो उनके पास मौजूद हैं।

मृतक के परिवार ने मांग की है कि पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज की जांच, न्यायिक एवं स्वतंत्र एजेंसी से जांच तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक की पत्नी, माता-पिता और दोनों बेटियों के भविष्य को देखते हुए आर्थिक सहायता, एक करोड़ रुपये मुआवजा और बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग भी की गई है।

परिजनों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि मृतक की एक बेटी हृदय रोग से पीडि़त है, जिसका इलाज रायपुर में चल रहा था। उन्होंने बच्ची के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था कराने की मांग भी शासन-प्रशासन से की है।

फिलहाल इस मामले में एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कोतरा रोड थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू और आरक्षक शंभु चौहान को लाइन अटैच कर दिया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि इस मामले की न्यायिक जांच की जा रही है, जिसके बाद जो भी तथ्य सामने आते हैं उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। 


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