रायगढ़
दो माह के भीतर दूसरी मौत, परिजनों का हंगामा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 14 जून। अवैध शराब मामले में जिला जेल में बंद एक और विचाराधीन बंदी की कल दोपहर रायगढ़ मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इससे पहले भी बीते महीने ही इस तरह की घटना सामने आ चुकी है।
कल की घटना के बाद परिजनों और गांव के ग्रामीणों ने जेल प्रबंधन पर मारपीट का आरोप लगाते ही कई घंटे तक हंगामा किया। चूंकि मृतक के शरीर पर चोट के कई निशान बताते हुए परिजन यह आरोप लगा रहे थे कि जेल के भीतर मृतक संजय बघेल के साथ मारपीट की गई है जिसके बाद संजय की मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि चार दिन पहले जब संजय को पकड़ा गया था तब उसके एक साथी को 40 हजार रूपये लेकर छोड़ दिया गया। अब यह मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है।
एक जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के कोतरा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नवापारा गांव के रहने वाले युवक संजय बघेल को कोतरा रोड पुलिस ने शराब के मामले में गिरफ्तार करते हुए जेल दाखिल कराया था। बताया जा रहा है कि कल सुबह अचानक संजय बघेल की तबियत बिगडऩे पर उसे रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां दोपहर उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजन और गांव के ग्रामीण भारी संख्या में मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे और अचानक हुई मौत को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई जिसके चलते उसकी मौत हो गई है। इस घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मृतक के शव को उन्हें देखने तक नहीं दिया जा रहा है। मेडिकल कालेज के मर्चुरी में रखे शव का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें मृतक संजय बघेल के सिर व पैर के हिस्से में चोट दिखाई दे रही है और इसी चोट को लेकर अब परिजन सीधे-सीधे जेल प्रशासन के उपर गंभीर लापरवाही के अलावा जेल के भीतर मारपीट के बाद हुई मौत का आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर रहे हैं।
एक युवक को पैसा लेकर छोडऩे का आरोप
मृतक युवक के पिता प्यारे लाल बघेल ने बताया कि तीन दिन पहले गांव में किसी के घर एक कार्यक्रम हो था। जहां उसका बेटा शराब छोडऩे जा रहा था, इसी दौरान कोतरा रोड पुलिस ने संजय बघेल के अलावा एक अन्य युवक को पकड़ा था, लेकिन उससे पैसा लेकर उसे छोड़ दिया गया और संजय को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। जहां उसके साथ मारपीट हुई है जिससे उसकी मौत हो गई है। इस मामले में वे लोग न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
मृतक की बॉडी नहीं दिखाए जाने का आरोप
इस मामले में गांव के सरपंच नंद कुमार बरेठ ने बताया कि तीन दिन पहले अवैध शराब के मामले में कोतरा रोड पुलिस ने गांव के एक लडक़े संजय बघेल को पकड़ा था और आज उन्हें सूचना मिली कि संजय की मौत हो गई है। जिसके बाद वे लोग अस्पताल पहुंचे हैं, तब से उन्हें बॉडी देखने नहीं दिया जा रहा है। युवक को जेल दाखिल कराने के तीन दिन बाद इस तरह मौत हो जाना कई संदेहों को जन्म देता है।
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाया
मेडिकल कालेज अस्पताल में युवक की मौत के बाद से परिजन और गांव के ग्रामीण शव नहीं देखे जाने देने की बात को लेकर दोपहर से हंगामा कर रहे थे। कल शाम करीब साढ़े 5 बजे के आसपास जैसे ही चक्रधर नगर थाना प्रभारी राकेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया कि मजिस्टेड को आने दीजिए जिसके बाद आपको शव दिखाया जाएगा। इसके बाद ही आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। थाना प्रभारी का कहना था कि जो भी आरोप है उसकी जांच होगी चूंकि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिये भेजा जाएगा और उसकी रिपोर्ट आयेगी उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश पर की जाएगी।
परिजनों पर टूटा दु:खों का पहाड़
परिजनों ने बताया कि मृतक युवक खेती किसानी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते आ रहा था और उसकी दो बेटियां हैं, जिसमें एक तीन साल और दूसरी 5 साल की है, छोटी बेटी के दिल में छेद था, जिसका ऑपरेशन कराने मृतक संजय बघेल पैसो के इंतजाम में जुटा हुआ था, लेकिन अब उसकी मौत हो जाने से परिजनों पर दु:खो का पहाड़ गुट गया है।
पिछले महीने भी हुई थी एक बंदी की मौत
विदित रहे कि इससे पहले भी रायगढ़ जिला जेल में अवैध शराब के एक अन्य मामले में जेल बंद एक विचाराधीन बंदी को 4 मई की सुबह तबियत बिगडऩे पर उसे रायगढ़ मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था , जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी, उस मामले में भी परिजनों ने जेल प्रबंधन पर मारपीट के आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर चुके हैं।
क्या कहते हैं जिला जेल के अधिकारी
रायगढ़ जिला जेल के जेलर जीएस सोनी ने बताया कि 10 तारीख को संजय बघेल को जेल दाखिल कराया गया था। कल अचानक उसकी तबियत बिगडऩे पर जेल के अस्पताल में उसे भर्ती कराते हुए उसे सुपरविजन में रखा गया था। आज सुबह 6 बजे वह अलग तरीके से हरकत कर रहा था, और अपने आप से बात कर रहा था। जिसके बाद उसे सुबह सवा 6 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां से इलाज के बाद दवा देकर उसे वापस भेज दिया गया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर पौने 11 बजे पुन: उसे मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया था। उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। संजय बघेल के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है।
परिजन आज सुबह पहुंचे एसपी कार्यालय
जेल के भीतर कथित मारपीट और प्रताडऩा से मौत के आरोप के बाद परिजन आज सुबह फिर से गाडिय़ों में भरकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और वहां बार-बार यह आरोप लगा रहे हैं इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई हो और जेल के भीतर जिसने भी संजय बघेल के साथ यह कृत्य किया है उसके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मुलाकात करके अपने सभी तथ्य रखे हैं।
इस मुलाकात के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सीधे तौर पर तो कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस -प्रेस गु्रप में यह लिखा है कि पूरा मामला जांच में है और न्यायिक जांच के पहले कुछ भी कहना उचित नहीं है। जहां तक उन्हें जानकारी है कि डेथ बाडी में कई कारण से परिवर्तन होते हैं और इस मामले में लिखने से पहले किसी भी विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं और जो लोग पुलिस पर पैसा लेने और मारपीट का आरोप लगा रहे हैं उन्हें मै अपने कार्यालय में आमंत्रित करता हूं कि इस मामले में जो भी तथ्यात्मक जानकारी हो उनसे साझा करें ताकि जांच के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंच सकूं। उन्होंनें पत्रकारों से भी अपील की है कि किसी प्रकार की भ्रामक जानकारी के माध्यम से समाचार न चलायें चूंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अप्राप्त है और उनकी टीम लगातार अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिये सजग है और अगर इस प्रकार गलत जानकारी के जरिये समाचार प्रकाशित होंगे तो पुलिस जवानों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा, वे वादा करते हैं कि अगर कोई भी लेनदेन के जरिये कार्रवाई में संलिप्त पाया जाता है तो उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।


