रायगढ़
6 माह से पदस्थापना के लिए भटक रहे प्रभारी प्राचार्य
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 14 मई। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू किये गए स्वामी आत्मानंद स्कूलों में पूर्व में सेजस प्रभारी प्राचार्य के पद पर पदस्थ वरिष्ठ शिक्षक शासन द्वारा उपयुक्त आदेश नहीं आने के कारण पिछले 6 माह से पदस्थापना के लिये भटक रहे हैं। विडंबना यह है कि इन सेजस प्राचार्यों को बिना काम के वेतन मिल रहा है।
स्वामी आत्मानंद शा. अंग्रेजी हिंदी माध्यम विद्यालयों की स्थापना पूर्व में कांग्रेस के कार्यकाल में की गई। अंग्रेजी माध्यम के गरीब बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु हर ब्लाक में स्कूल खोला गया तथा अंग्रेजी माध्यम से अध्यापन कार्य दिये गए शिक्षकों को वहां प्रतिनियुक्ति दी गयी। प्रतिनियुक्ति में शिक्षक न मिलने पर नियमानुसार संविदा शिक्षकों की भर्ती की गयी। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिये समस्त संसाधन उपलब्ध कराये गए। नियमित व्याख्याताओं को साक्षात्कार के माध्यम से प्राचार्य के पद पर पदस्थापना दी गयी। इन्हीं प्राचार्यों के द्वारा प्रदेश के अधिकांश जिलों में बेहतर बोर्ड परीक्षा परिणाम दिये गए।
नवंबर-दिसंबर 2025 में नियमित व्याख्याताओं को काउंसलिंग के माध्यम से पदोन्नत व पूर्व में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य, मूलभूत व्याख्याता उसी विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य की आवश्यकता नही है। नहीं उनका पद व्याख्याता वहां रिक्त है। 6 माह गुजर जाने के पश्चात भी उनकी अन्यत्र स्कूल में शासन द्वारा पद स्थापना नही दी गयी है। प्रदेश में लगभग पूर्व सेजस प्राचार्यों की संख्या 100 के करीब है, जिन्हें भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा बिग वर्ग के वेतन दिया जा रहा है। अन्य शासकीय विद्यालयों में रिक्त पद होने के उपरांत भी उन्हें वहां से स्थानांतरित करने में रूचि नहीं ले रहा है। मार्च माह में इनसे तीन विकल्प मांग गया था ताकि इनकी रिक्त पद पर पदस्थापना की जा सके, परंतु आज पर्यन्त तक छ.ग. शासन इन्हें अन्यंत्र स्थान पद स्थापना नहीं दिया है।


