रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 10 अप्रैल। खरसिया वि.ख. के ग्राम-चापले के मंगलभवन में कसेर समाज का दो दिवसीय महासभा 04 व 05 अप्रैल को रखा गया था। जिसमें महासमुंद, सरंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, जांजगीर-चांपा सहित विभिन्न जिलों से भारी संख्या में समाज की महिलाएं एवं पुरुषों ने बैठक में भाग लिया।
प्रथम दिवस के शुभारंभ में समाज के कुल देवी माता सती (दुर्गा) की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पूजा अर्चना कर किया गया। इसके पश्चात समाज के पूर्व अध्यक्ष स्व. अभयराम केशरवानी के द्वारा समाज के लिए दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें एक मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दिया गया तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा किया गया।
समाज के पूर्व अध्यक्ष के मृत्यु हो जाने के कारण अध्यक्ष का पद खाली हो गया था। बैठक के दूसरे दिन नये अध्यक्ष का चुनाव वोटिंग के द्वारा किया गया। वोटिंग कराने का कार्य संतोष कुमार काश्यकार, नन्दबाबू काश्यकार एवं मनोज काश्यकार द्वारा सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया। अध्यक्ष पद के लिए तीन लोगों ने दावेदारी पेश किया, जिसमें ग्राम-तेंदुमुड़ी रायगढ़ निवासी कृष्णवल्लभ केशरवानी (बबलू) ने जीत दर्ज किया।
दूसरे स्थान पर रहे ग्राम-रेमेजा निवासी मंगलता कसेर पति दौलतराम कसेर को एक सहमति से उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, तथा तीसरे स्थान पर रहे ग्राम-सरवानी निवासी रामप्रसाद काष्यकार को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। पूर्व में समाज के सचिव पद पर रहे ग्राम-गोर्रा निवासी मनोज काश्यकार को पुन: सचिव पद का दायित्व दिया गया। सह सचिव के लिए ग्राम-खैरपाली निवासी चेतन कसेर का नाम प्रस्तावित किया गया।
प्रबंधकारिणी समिति में पूर्व में भी प्रमुख सदस्य रहे ग्राम-टेमाटेमा निवासी कमल कुमार कसेर एवं ग्राम-चपले निवासी महेशराम सोनी को पुन: प्रमुख सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। नव निर्वाचित सभी पदाधिकारियों के माला पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा नव निर्वाचित अध्यक्ष को समाज के वरिष्ठ सदस्य नन्दबाबू काष्यकार के द्वारा शपथ दिलाया गया। कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल बुलाकर क्षेत्रवार प्रमुख सदस्यों का गठन किये जाने का प्रस्ताव किया गया।
नव निर्वाचित अध्यक्ष कृष्णवल्लभ केशरवानी ने समाज के सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए समाज के उन्नति एवं विकास के लिए तन मन धन से कार्य करने की बात कहा गया। महासभा को वरिष्ठ सदस्य नन्दबाबू काश्यकार एवं महेशराम सोनी के द्वारा भी संबोधित किया गया।


