रायगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 21 जनवरी। थाना चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत इंदिराविहार में वन विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लगाए गए फेंसिंग तार की चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा स्कूटी, लगभग 25 मीटर फेंसिंग तार तथा तार काटने में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के प्लास जब्त किए गए हैं।
घटना को लेकर 19 जनवरी को स्वर्णलता लकड़ा, उप वनक्षेत्रपाल इंदिराविहार प्रभारी वन मंडल रायगढ़ द्वारा थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि वह डिप्टी रेंजर एवं वनरक्षक के साथ इंदिराविहार क्षेत्र में पेट्रोलिंग पर थीं। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने तीन व्यक्तियों को वन विभाग द्वारा सुरक्षा के लिए लगाए गए फेंसिंग तार को निकालते हुए देखा, जबकि कुछ तार स्कूटी में रखे जा रहे थे। टीम द्वारा पीछा करने पर दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। मौके पर खड़ी स्कूटी की डिक्की व आसपास करीब 25 मीटर फेंसिंग तार रखा हुआ पाया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम शत्रुघन बरेठ पिता खिकराम बरेठ निवासी बोईरदादर बताया तथा बताया कि उसके साथ दिनबंधु वैष्णव और संतराम वैष्णव भी चोरी करने आए थे।
रिपोर्ट के आधार पर थाना चक्रधरनगर में धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू एवं हमराह स्टाफ द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार दोनों आरोपियों संतराम बैरागी और दिनबंधु बैरागी को भी हिरासत में ले लिया गया। तीनों आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर चोरी में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा स्कूटी लगभग 25 मीटर फेंसिंग तार तथा तार निकालने में उपयोग किए गए दो लोहे के प्लास जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में शत्रुघन बरेठ पिता खिकराम बरेठ उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम अड़भार थाना अड़भार जिला शक्ति, हाल मुकाम विनोबानगर थाना चक्रधरनगर,संतराम बैरागी पिता शिवचरण बैरागी उम्र 33 वर्ष निवासी विनोबानगर कचरा गोदाम के पास थाना चक्रधरनगर तथा दिनबंधु बैरागी पिता भगवानदास बैरागी उम्र 35 वर्ष निवासी विनोबानगर कचरा गोदाम के पास थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ शामिल हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है।


