महासमुन्द

स्वयंसेवकों का पथसंचलन, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत
22-May-2026 4:00 PM
स्वयंसेवकों का पथसंचलन, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 22 मई। महासमुंद शहर में इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के छत्तीसगढ़ प्रांतीय घोष वर्ग का आयोजन किया जा रहा है।

10 मई से शुरू हुए इस 15 दिवसीय प्रांतीय शिविर के तहत गुरुवार को शहर में भव्य पथ संचलन निकाला गया। पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों की कदमताल और घोष बैंड, शंख, बांसुरी, ड्रम और आनक जैसे पारंपरिक व आधुनिक वाद्य यंत्रों की  धुनों के बीच स्वयंसेवकों का कारवां सडक़ों पर उतरा।  गुरुवार शाम 6 बजे अनुशासन की अनूठी मिसाल पेश करते हुए करीब 170 से अधिक स्वयंसेवक सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। यहां से घोष वादन की कडक़ धुन के साथ पथ संचलन प्रारंभ हुआ। संचलन का मार्ग बेहद व्यवस्थित था। सरस्वती शिशु मंदिर से निकलकर यह संचलन सबसे पहले शास्त्री चौक पहुंचा। इसके बाद बरोंडा चौक होते हुए स्वयंसेवकों की टोली नेहरू चौक और मुख्य बाजार चौक की ओर बढ़ी। यहां से महामाया मंदिर के सामने से गुजरते हुए संचलन गांधी चौक और बजरंग चौक पहुंचा। अंत में अनुशासनबद्ध तरीके से भारत माता की जय का नारा लगाते हुए उनका कारवां वापस सरस्वती शिशु मंदिर परिसर पहुंचा। पथ संचलन को लेकर महासमुंद शहर के नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। जैसे ही स्वयंसेवकों का जत्था मुख्य मार्ग और चौक-चौराहों पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद सर्व समाज के लोगों, प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने उन पर पुष्प वर्षा की। रास्ते भर स्वयंसेवकों ने शिविर में सीखी गई घोष धुनों का सधा हुआ वादन किया। रास्ते के दोनों ओर खड़े लोगों ने भारत माता की जय तथा वंदे मातरम नारे लगाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। आरएसएस के पदाधिकारियों ने बताया कि 10 मई से चल रहे इस छत्तीसगढ़ प्रांतीय घोष वर्ग का विधिवत समापन आगामी 24 मई को होगा। समापन के दिन सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में एक भव्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शिविर में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए स्वयंसेवक पिछले 15 दिनों में सीखे गए कठिन वाद्य यंत्रों की रचनाओं का सामूहिक प्रदर्शन करेंगे। समापन समारोह में नगर के प्रबुद्ध नागरिकों और आम जनता को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।


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