महासमुन्द
टीआई पर धमकी देने का आरोप, भडक़े किसान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 3 फरवरी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान तहसील कार्यालय के सामने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरना के समर्थन में जिले से किसान नेता जुगनू चंद्राकर, तेजराम विद्रोही और पारसनाथ पहुंचे। उन्होंने किसानों को संबोधित कर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
किसानों का कहना है कि नियमानुसार धान खरीदी नहीं होने के कारण वे लगातार शासन से मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर सोमवार से बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए, जो मंगलवार को भी जारी रहा।
किसान नेता सादराम पटेल ने आरोप लगाया कि स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा किसानों को धमकाया जा रहा है और टेंट उखाडक़र जब्त करने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा, किसान लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग शासन तक पहुंचाने के लिए धरना दे रहे हैं। यदि दमनात्मक तरीके से टेंट उखाडऩे की कार्रवाई की जाती है तो किसान हर तरह के संघर्ष के लिए तैयार हैं। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिला मुख्यालय में भी धरना देने की तैयारी
धरना स्थल पर पहुंचे किसान नेता जुगनू चंद्राकर, तेजराम और पारसनाथ ने बताया कि बुधवार से जिला मुख्यालय महासमुंद में भी किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगले चरण में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का निर्णय भी लिया गया है।
धान नहीं बिकने से परेशान किसान
समीप के ग्राम कोचर्रा निवासी किसान गणपत ठाकुर ने बताया कि वे चार एकड़ भूमि के किसान हैं और उनका 96 क्विंटल धान बिकना था, लेकिन उन्हें अब तक एक क्विंटल का भी टोकन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि धान नहीं बिकने के कारण कर्ज चुकाने में कठिनाई हो रही है। गणपत ठाकुर ने मांग की कि सरकार उनका धान खरीदे, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।




