महासमुन्द

धान खरीदी नीति फेल-द्वारिकाधीश
28-Jan-2026 3:14 PM
धान खरीदी नीति फेल-द्वारिकाधीश

 खल्लारी विधायक-कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 28 जनवरी। खल्लारी विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने कहा है कि धान बेचने को लेकर करीब सवा 2 माह से चल रही किसानों की जद्दोजहद व लाचारी की पराकाष्ठा इससे पहले हमारे राज्य में कभी नहीं देखी गई। धान बेचने से धन मिलने की खुशी तो किसान महसूस ही नहीं कर पाए। उल्टे धान बेचते-बेचते उनके आंसू निकल आए। श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार की धान खरीदी नीति पूरी तरह फ्लॉप हो गई है।

श्री यादव ने आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में राज्य सरकार को किसान विरोधी ठहराते हुये कहा कि मौसम की मार और अपनी आर्थिक स्थिति से जूझते-जूझते किसानों ने धान के पौधों को सहेज कर यहां तक लाया। प्रारंभिक दौर में खाद-बीज का संकट, डीएपी और यूरिया खाद का शॉर्टेज, कालाबाजारी से लड़ते-लड़ते जब कटाई शुरू हुई तब फिर बेमौसम बारिश, बदली से किसान सिहर उठे। इतने संकटों से जूझते अब जब धान बेचने की बारी आई तो धान खरीदी में सरकारी तंत्र की अव्यवस्था ने उसे पूरी तरह तोड़ कर रख दिया। श्री यादव ने कहा कि पहले पंजीयन,फिर एग्रीस्टेक पोर्टल पर रकबा एंट्री की अनिवार्यता, टोकन का उपलब्ध नहीं होना, प्रतिदिन खरीदी की लिमिट कम किए जाने से किसानों को 20-30 दिन तक धान बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा। इस चक्कर में सूखत 17 से घटकर 13-14 प्रतिशत तक आ गई। वजन कम होने से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। एग्रीस्टेक पोर्टल में रकबा एंट्री के लिये बुजुर्ग किसान चॉइस सेंटर,पटवारी और तहसीलदार के चक्कर लगाते थक गए। बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम सेनभाठा के किसान मनबोध गाड़ा ने तंग आकर आत्महत्या की कोशिश की थी। अब रकबा समर्पण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जो धान बेचना चाहते हैं उन किसानों के घर जाकर अधिकारी भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। जिला कांग्रेसाध्यक्ष द्वारिकाधीश ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान खरीदने की बात करने वाली सरकार हजारों किसानों का धान अब तक नहीं खरीद पाई है। उन्होंने सरकार पर कम से कम धान खरीदी करने के लिए तरह-तरह की बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।


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