महासमुन्द

बैंक हड़ताल : खातेदार परेशान रहे
28-Jan-2026 2:45 PM
बैंक हड़ताल : खातेदार परेशान रहे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 28 जनवरी। महीने का दूसरे शनिवार, रविवार, सोमवार गणतंत्र दिवस के बाद मंगलवार को भी हड़ताल के चलते बैंक बंद रहे। धान खरीदी और शादियों के सीजन में लगातार चार दिन बैंक बंद होने से लोगों को काफ ी परेशानियों का सामना करना रड़ा। बैंक कर्मचारियों की मांग है कि हफ्ते में उनसे 5 दिन ही काम लिया जाए। उनकी यह 11 साल पुरानी मांग है।

कल भी सामान्य बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। जिले के बैंक कर्मचारी कल सुबह से ही लामबंद हो गए थे। महासमुंद जिला मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक, एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इनका स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में जारी 6 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को बदलकर 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के बाद प्रत्येक शनिवार-रविवार अवकाश किया जाए। उनका तर्क है कि यह न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप भी है। लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने के कारण कैश लेन-देन, चेक क्लियरेंस और ई-केवाईसी जैसे जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। हालांकि निजी क्षेत्र के बैंक खुले रहे, लेकिन सरकारी बैंकों पर निर्भर रहने वाली बड़ी आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एसबीआई बैंक महासमुंद ब्रांच के मैनेजर प्रवीण जैन ने बताया कि बैंक कर्मी अपनी सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार की छुट्टी की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। बीते 11 साल से यह मांग लंबित है। सभी सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन की छुट्टी मिलती है। बैंक कर्मियों को पूरे 6 दिन काम करना पड़ता है। महासमुंद में तीन दिनों से बैंक बंद थे। 24 जनवरी को महीने के दूसरे शनिवार का अवकाश रहा। वहीं 25 जनवरी रविवार साप्ताहिक अवकाश और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर फिर राष्ट्रीय अवकाश रहा। इसके बाद 27 जनवरी को करीब दर्जन भर सरकारी बैंकों को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण खाताधारकों को बैंकों में भटकना पड़ा। अधिकांश एटीएम में भी कैश नहीं था। इस बीच शहर के कई एटीएम भी खाली हो गए। बीटीआई रोड स्थित एसबीआई एटीएम में कैश न होने के कारण सुबह से ही ग्राहकों को भटकते देखा गया। बरोंडा चौक स्थित बैंक ऑफ  बड़ौदा के एटीएम में भी कैश नहीं थे। दूरदराज के गांवों से आए कई खाताधारक सुबह 10 बजे ही बैंक पहुंच गए थे। लेकिन हड़ताल के चलते मायूस लौटना पड़ा। हड़ताल में जिले के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। जिनमें मुख्य रूप से भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक पीएनबी, बैंक ऑफ  बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ  इंडिया, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक और इंडियन ओवरसी बैंक समेत अन्य शामिल हैं। बैंक यूनियनों का कहना है कि वे पिछले 11 वर्षों से सप्ताह में केवल 5 दिन काम करने की प्रणाली शनिवार और रविवान पूर्ण अवकाश को लागू करने की मांग कर रहे हैं। कई दौर की बातचीत के बाद भी मांग पूरी न होने के चलते उन्हें इस हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।


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