महासमुन्द
एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर सामाजिक संगठनों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,8जनवरी। महासमुंद के सरकारी स्कूलों की परीक्षा अब ज्ञान नहीं बल्कि वैचारिक विकृति फैलाने का माध्यम बनती जा रही है। महासमुंद जिले में सत्र 2025-26 की चौथी कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा में जो कुछ हुआ, उसने शिक्षा व्यवस्थ, प्रशासन और शासन तीनों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रश्न पत्र के पहले सवाल में ही कुत्ते से जुड़ा सवाल पूछा गया।
परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में राम नाम शामिल किया गया। जिसे हिंदू समाज ने सीधा धार्मिक अपमान और सुनियोजित मानसिक हमला बताया है। महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि सवाल कुछ और था लेकिन प्रिंटिंग प्रेस वाले ने इस प्रश्न को हटाकर दूसरा प्रश्न पेपर में जोड़ दिया।
मिली जानकारी अनुसार कल बुधवार को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्न के अंतर्गत मौना के कुत्ते का नाम क्या है पूछते हुए विकल्पों में राम नाम दिया गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल महासमुंद जिला इकाई ने इस विषय को लेकर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह मामला शिक्षा विभाग की लापरवाही का नहीं, धार्मिक भावनाओं को आहत करने की दंडनीय साजिश का प्रतीक है।
संगठन का आरोप है कि यह कोई साधारण भूल नहीं,बल्कि सोच-समझकर किया गया कृत्य है, जो हिंदू समाज समाज की आस्था और मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला है। भगवान राम केवल एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और चेतना का केंद्र हैं। मांग की गई है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में उग्र जनआंदोलन किया जाएगा।
नाराज विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर में रैली निकाली और पैदल चलकर डीईओ कार्यालय पहुंचे। जहां डीईओ विजय कुमार लहरे के मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद परिसर में डीईओ का पुतला दहन किया गया। नगर के वार्ड 21 निवासी अभिभावक विजय महतो ने महासमुंद थाना में शिकायत दर्ज भी कराई है। जिस पर कहा कि प्रश्न पत्र में हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम के नाम से राम का आप्शन दिया गया था। मंै हिन्दू धर्म का अनुयायी हूं, जिसके कारण ऐसे प्रश्नों में प्रभु श्रीराम का नाम आने से धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है।
शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा में गंभीर लापरवाही सहित विभिन्न शिकायत के शीघ्र निराकरण बाबत एक शिकायत युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमन चंद्राकर ने भी कलेक्टर से की है। उन्होंने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अर्धवार्षिक परीक्षा का समय सारणी आनन-फानन में जारी करना और स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक चल रहे परीक्षा को औपचारिकतावश विभाग द्वारा निभाया जा रहा है। अर्धवार्षिक परीक्षा में स्कूलों में प्रश्न पत्र नहीं भेजना, प्रश्न पत्र के स्थान पर पीडीएफ भेजना आंकलन की औपचारिकता को दर्शाता है। बच्चों को परीक्षा देने के लिये प्रश्न को ब्लेक बोर्ड पर लिखा गया है एवं फ ोटोकापी कराकर भी उन्हें प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा रहाहै। ऐसे में बच्चों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने मांग की है कि वार्षिक परीक्षा में सभी छात्रों को प्रश्न पत्र प्रदान किया जावे।


