महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 2 फरवरी। बागबाहरा जनपद पंचायत बागबाहरा के अध्यक्ष स्मिता हितेश चंन्द्राकर ने 31 जनवरी को खाद की कमी को लेकर कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपते हुये कहा है कि सोसायटियों में त्वरित खाद की व्यवस्था करने आग्रह किया। खाद की व्यवस्था सप्ताह भर के भीतर नहीं किया जाता है तो वे खुद किसानों के सांथ अमरण अनशन करने बाध्य होंगी।
किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।फसल के लिए स्थिति भयवाह बन चुका है।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को सरकार और प्रशासन दोनों कतई गंभीर नहीं है। शासन एंव प्रशासन के नाक के नीचे कालाबाजारी जमाखोरी और लुट मची हुई है।
अध्यक्ष स्मिता चंन्द्राकर ने कहा कि आज सरकारी दर के बनीसपत दो गुना से अधिक दर पर खाद की बिक्री खुले बाजार में किया जा रहा है।सरकारी समितियों में खाद का अभाव जानबूझकर किया गया है। सरकार के उदासीन रवैया के चलते किसानों को खाद के लिए भटकना पड रहा है।ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के मांग के लंबे अंतराल के बाद भी
यूरिया खाद डीएपी पोटास का भंडारण नहीं कर किसानों को लुटाने विवश करके रख दिया गया है।
सरकारी तंत्र के गैर जिम्मेदाराना हरकतों के कारण आज किसान खुले बाजार में मंहगा दर पर खाद लेकर आर्थिक मार झेल रहे है। चौतरफा खाद के मांग के बावजूद भी सरकार सोसायटियों में खाद भंडारण नहीं कर रही है।मांग के बावजूद भी खाद भंडारण नहीं करने के पिछे का क्या कारण है सरकार जवाब दें। अध्यक्ष चंन्द्राकर ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार लुट की खुली छुट दे रखा है। यदि सप्ताह भर में तमाम सोसायटियों में जरुरी खाद भंडारण नहीं किया जाता है तो मैं खुद क्षेत्र के किसानों को सांथ लेकर अमरण अनशन करुंगी सांथ ही राष्ट्रीय राज मार्ग को जामकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रर्दशन के लिए बाध्य होऊंगी।


