महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,27मई। पखवाड़े भर में 4 बार करीब 7.50 रूपए प्रति लीटर रेट बढ़ाने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाने से कृषि कार्यों के साथ-साथ राशन वितरण भी प्रभावित हो रहा है। इस मूल्य वृद्धि से देर-सबेर दूसरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। फिलहाल डीजल नहीं मिलने से पीडीएस का चावल गरीबों के चूल्हों तक नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं रासायनिक खाद का वितरण भी प्रभावित हो सकता है।
मालूम हो कि लगभग पखवाड़े भर से अंचलवासी पेट्रोल-डीजल संकट का सामना कर रहे हैं। पेट्रोल पम्पों में सूखा पड़ा हुआ है। इससे कृषि कार्य, राशन, खाद वितरण प्रभावित है। शहर के पुष्पा फ्यूल्स में 13 और पुलिस पेट्रोल पंप में 3 दिन से ड्राई चल रहा है। कहा जा रहा है कि ऑयल डिपो को भुगतान के बावजूद इन स्थानों पर पेट्रोल की खेप नहीं पहुंच रही है। यहां कई-कई दिनों से डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
महासमुंद शहर के रायपुर रोड स्थित पुष्पा फ्यूल्स में 13 दिनों पेट्रोल नहीं पहुंचने का आरोप पंप संचालक बादल मक्कड़ ने लगाया है। साथ ही उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए पंप को तत्काल डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी तरह पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पम्प भी 3 दिन से सूखा पड़ा है। यहां ऑयल डिपो वालों से सतत संपर्क जारी है। कलेक्टर की ओर से भी और राज्य स्तर पर भी कृषि कार्य की गंभीरता बताते हुए पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो से पत्र व्यवहार किया गया है। वहां से शीघ्र टेंकर भिजवाने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। लेकिन डिपो से आपूर्ति करने में विलंब हो रहा है।
इस बीच सरकार ने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से 4 बार डीजल-पेट्रोल के रेट बढ़ा दिए हैं। इसके बावजूद आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो रही है। पखवाड़े भर से शहर व शहर से लगे पेट्रोल पंपों को सूखे का सामना करना पड़ रहा है। लोग सुबह उठकर पहले पेट्रोल-डीजल ढूंढने निकल पड़ते हैं। इस चक्कर में गाड़ी में बचा पेट्रोल-डीजल भी खत्म हो जाता है।


