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केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के जिलों में कोरोना खामियां सुधार करने कहा
11-Apr-2021 5:44 PM
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के जिलों में कोरोना खामियां सुधार करने कहा

  धनेली घटना को लेकर हिदायत भी  

रायपुर, 11 अप्रैल। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक कोरोनाग्रस्त जिलों में केंद्रीय टीमें भेजी थी कमा उन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सचिव ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक लंबी चिट्ठी लिखकर यहां की खामियां गिनाई हैं। 

केंद्र सरकार ने यह लिखा है कि रायपुर और जसपुर में कंटेनमेंट जोन से लोगों की आवाजाही बनी हुई है और उन पर कोई रोक नहीं दिखती है इसे तुरंत सुधारने की जरूरत है रायपुर जिले के धनेली नाम के गांव के बारे में खासकर लिखा गया है कि यहां पर स्वास्थ्य कर्मचारियों पर लोगों ने हमले भी किए हैं इस नौबत को तुरंत सुधारा जाना चाहिए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य की एसीएस स्वास्थ्य रेनू पीले को भेजे इस पत्र में लिखा है कि कोरबा दुर्ग और बालोद जिलों में आरटी पीसीआर जांच की कमी की वजह से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है इसके अलावा बालोद जिले में भी जांच की कमी दिखाई पड़ रही है राज्य सरकार को rt-pcr जांच बढ़ाने के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब के बारे में सोचना चाहिए। 

दुर्ग जिले में मरीजों को एंबुलेंस की कमी दिखाई पड़ रही है बिना देर किए एंबुलेंस की क्षमता और सुविधा सुधारने की जरूरत है एक अन्य मुद्दे पर इस चिट्ठी में लिखा गया है कि बालोद रायपुर दुर्ग और महासमुंद जिलों में अस्पतालों के बेड की उपयोगिता काफी अधिक है यहां पर जिला प्रशासन को अस्पतालों के ढांचे का विस्तार करना चाहिए और किसी भी किस्म की कोरोनाग्रस्त जिले में बढ़ोतरी होने पर क्षमता तैयार रखनी चाहिए इस चिट्ठी में यह भी लिखा गया है कि रेमदेसीविर नाम की दवाई कि कोरबा जिले में तुरंत तुरंत जरूरत दिखाई पड़ रही है।

चिट्ठी में यह भी लिखा गया है की ऑक्सीजन की कमी दिखाई पड़ रही है और रायपुर जिले की टीम ने यह बतलाया है कि यहां ऑक्सीजन कम भी है और बर्बाद भी हो रही है जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपयोगिता की योजना जरूरी है। 

दुर्ग, जशपुर, राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी दिखाई पड़ी है ऐसे में स्वास्थ्य कर्मचारियों को संविदा पर रखने के बारे में सोचना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने लिखा है की जिलों में भेजी गई इन टीमों ने जनता द्वारा कोरोना से बचने के लिए सुझाए गए तरीकों का इस्तेमाल न करने की बात भी लिखी है जगह-जगह भीड़ दिखाई पड़ती है और कोई शारीरिक दूरी टीकाकरण केंद्रों में भी नहीं दिखती है इस चिट्ठी में खासकर राजनांदगांव का जिक्र किया गया है कि वहां के टीकाकरण केंद्र में शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक 11 कोरोनावायरस जिलों में केंद्रीय टीमें आई थी और वे रोज के अपने निरीक्षण और निष्कर्ष राज्य शासन को भी देती थी इसके अलावा इन टीमों ने केंद्र सरकार को भी अपनी रिपोर्ट भेजी थी जिसके आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकार को यह चिट्ठी लिखी है।


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