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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 9 अप्रैल। बीती रात गंगालूर थाना क्षेत्र के कमकानार गांव से मितानिन, मास्टर ट्रेनर सहित तीन महिलाओं को अगवा किये जाने की खबर आई थी, लेकिन शुक्रवार शाम को सभी महिलाएं वापस अपने घर सुरक्षित लौट आई हैं। कहा जा रहा है कि नक्सली उनका अपहरण कर ले गए थे।
जानकारी के मुताबिक बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र से महिला बाल विकास विभाग की तीन महिला कर्मचारियों का देर रात अपहरण कर लिया था। जिन्हें अब नक्सलियों ने छोड़ दिया है। तीनों स्वस्थ हैं, उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट या अन्य कोई समस्या नजर नहीं आई है।
बताया गया है कि तीनों मितानिन अपने गांव पहुंच गई हैं। मितानिनों ने कहा है कि वो किसी को देखने दूसरे गांव गई थीं और गांव में ही फंस गई थी। वहीं इस मामले में बस्तर के आईजी पी. सुन्दरराज ने कहा है कि पूछताछ करने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि शारदा जो कि मास्टर ट्रेनर है। वह अपने काम में काफी प्रतिभाशाली हंै। वे अतिसंवेदनशील गांव कमकानार की ही रहने वाली हैं। शारदा अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर कोरोना वैक्सीनेशन के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करती थीं और गंगालूर हॉस्पिटल में ग्रामीणों को लाकर वैक्सीनेशन करवाती थी।
सूत्रों के माने तो अंदरूनी इलाको के ग्रामीणों ने शारदा के खिलाफ शिकायत की थी कि ये हमें कोरोना का टीका लगा रही हंै, जिससे कि हमें बुखार आ रहा है। जिसके बाद शारदा को टीका लगवाने के लिए मना किया गया था लेकिन वह अपना काम बेफिक्र होकर कर रही थीं। जिसके बाद से नक्सलियों ने उसे रात को हाथ बांधकर अपने साथ ले गए थे। शुक्रवार शाम में नक्सलियों ने शारदा सहित तीनों की सकुशल रिहाई कर दी है। अब नक्सलियों ने शारदा को किस शर्त पर छोड़ा है, यह शारदा से बात करने के बाद ही पूरी बात स्पष्ट हो पाएगी।


