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सेना के हेलीकॉप्टर से शहीद रमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा
05-Apr-2021 7:10 PM
सेना के हेलीकॉप्टर से शहीद रमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा

   राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार    

पत्नी ने कहा- नक्सलियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

उदयपुर, 5 अप्रैल। बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए नक्सली हमले में शहीद जवानों में सरगुजा के लखनपुर विकासखंड के ग्राम अमदला के रमाशंकर सिंह भी हैं। उनका पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से दरिमा एयरपोर्ट लाया गया। यहां से एंबुलेंस के द्वारा ग्राम अमदला लाया गया। दरिमा एयरपोर्ट पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी ने उनकी शहादत को नमन करते हुए जैसे ही उनके पार्थिव शरीर को ग्राम लेकर पहुंचे, पूरा का पूरा गांव रो पड़ा। शहीद को सभी ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। शहीद रमाशंकर को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह सहित भाजपा, कांग्रेस के जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हुए थे। सभी ने परिवार को कहा कि इस दुख की घड़ी में सब उनके साथ हैं। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

रमाशंकर पैकरा बुधराम सिंह के तीसरे पुत्र थे और 7 साल पहले गांव की ही मिस्तूरी सिंह पैकरा से शादी हुई थी। रमाशंकर सिंह पैकरा 14 सितंबर 2019 को स्पेशल टास्क फोर्स में भर्ती हुए थे। लगभग 12 वर्षों की सेवा में वह बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल मुठभेड़ में शामिल रहे। रविवार दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी मिस्तुरी सिंह पैकरा के मोबाइल पर राजधानी रायपुर से दुख भरी खबर आई, जिसमें नक्सलियों से लोहा लेते रमाशंकर सिंह पैकरा को शहादत की खबर ने गांव वालों को रुला दिया।

वृद्ध पिता बुधराम पैकरा, मां गुलाबो बाई, भाई लक्ष्मण सिंह, लोचन सिंह, अजय सिंह के साथ परिवार के सभी सदस्यों में मातम पसरा हुआ है। गांव वाले संवेदना प्रकट करने लगातार उनके घर आ रहे हैं, वहीं लखनपुर पुलिस की टीम भी रमाशंकर के सर्वोच्च बलिदान को नमन कर सोमवार को होने वाले अंतिम संस्कार की तैयारियां आरंभ कर दी थी। सोमवार की दोपहर हेलीकॉप्टर से रमाशंकर सिंह का पार्थिक देह गृहीग्राम आमदला पहुंचा। यहां पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

शहीद रमा शंकर पैकरा की पत्नी ने बताया कि रमाशंकर जनवरी के आखरी माह में घर आए थे और परिवार के साथ एक माह बिताया था,वहीं शहीद का सपना था कि परिवार वालों के लिए घर व दुकान बना सके। शहीद रमाशंकर सिंह की पत्नी ने सरकार से मांग की है कि नक्सलियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए, जिससे आने वाले समय में किसी और महिला को पति न खोना पड़े, और आज जो पीड़ा वह महसूस कर रही है वह पीड़ा किसी और महिला को महसूस ना करना पड़े।

रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
बस्तर में नक्सलियों द्वारा हमले का निंदा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता से कोई सरोकार नहीं है, यहां इतना बड़ा नक्सली हमला हुआ और वह असम के चुनावी सभा में व्यस्त थे। सरकार के लापरवाही के कारण नक्सली इतने बड़े हमले को अंजाम दिया है, छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह से हर मोर्चे पर फेल हो गई है। रेणुका सिंह ने शहीद के परिजनों को हरसंभव मदद करने की बात कही। 

 

 

 


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