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मां को उम्मीद थी तबादले की खबर आएगी, पहुंची अंतिम विदाई की
05-Apr-2021 6:56 PM
मां को उम्मीद थी तबादले की खबर आएगी, पहुंची अंतिम विदाई की

   राजकीय सम्मान के साथ पंडरीपानी में शहीद रमेश का अंतिम संस्कार   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कांकेर, 5 अप्रैल। बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए नक्सली हमले में शहीद जवानों में कांकेर जिले के अंतर्गत चारामा के समीप ग्राम पंडरीपानी के एक जवान रमेश जुर्री भी हैं। शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज उनके गृहग्राम पंडरीपानी लाया गया। जहां उनके अंतिम संस्कार में सांसद मोहन मंडावी, विधायक शिशुपाल शोरी, कलेक्टर चंदन कुमार, एसपी एम आर अहिरे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी व क्षेत्र के लोग शामिल हुए। सभी ने शहीद को नम  आंखों से अंतिम विदाई दी।

शहीद जवान रमेश 2010 से बीजापुर डीआरजी में पदस्थ थे। दो महीने पहले उसे आरक्षक से प्रधान आरक्षक के रूप में पदान्नति मिली थी। चार साल पहले उसकी शादी हुई थी। तीन साल की उसकी एक बेटी है। परिवार में उनकी दो बड़ी बहनें हैं। उनकी शादी हो चुकी है। उनका एक छोटा भाई मां के साथ रहता है वह कृषि कार्य करता है। भाई के शहीद होने की खबर पर उसे विश्वास नहीं हो रहा था।

जैसे ही शहीद होने की खबर मिली, गांव में शोक की लहर छा गई। जवान रमेश की शहीद होने की खबर मिलने के बाद आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में उनके पार्थिव शरीर का कल दिन भर इंतजार करते रहे। आज शव के पहुंचने के उपरांत माहौल गमगीन हो गया। परिवारजन कल से ही बिलख रहे हैं। जवान का शव गांव में पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में अधिकारी- कर्मचारी जनप्रतिनिधि और क्ष्ेात्र के नागरिक गांव में पहुंचे। जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

       उनकी माता सत्यवती बेटे से मिलने हाल में ही बीजापुर गई थीं। कुछ दिन साथ में वहां ठहरी थी। पुलिस विभाग के हेड क्वार्टर जाकर वह बेटे के तबादला के लिए आवेदन करने के बाद वह वापस अपने गांव पंडरीपानी आई थी । कल पुलिस वालों के उनके घर में आने पर उसे एकबार ऐसा लगा था कि उसके बेटे की तबादले की खबर लेकर आए हैं, लेकिन उसे क्या पता था कि वे उसकी विदाई का खबर देने वाले हैं।


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