ताजा खबर
बीजिंग, 28 मार्च | फाइलैंथस एक ऐसा फल है, जिसका स्वाद पहले तो खट्टा व कड़वा होता है, लेकिन काटने के कुछ सेकंड के बाद मीठा हो जाता है। फाइलैंथस चीन के फूच्येन प्रांत की एक विशेषता है। चीनी भाषा में इसे 'क्रांतिकारी फल' भी कहा जाता है। उसका स्वाद फूच्येन में सुधार व विकास की प्रक्रिया जैसा लगता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वर्ष 1985 से वर्ष 2002 तक फूच्येन प्रांत में साढ़े 17 वर्षों तक काम किया। इसके दौरान उन्होंने गहन रूप से अध्ययन करके सुधार व नवाचार के सिलसिलेवार रणनीतिक व दूरंदेशी कदम उठाए हैं। हाल ही में उन्होंने उन कदमों का परिणाम देखने के लिए फूच्येन प्रांत का दौरा फिर एक बार किया।
फूच्येन प्रांत में पहाड़ व वन ज्यादा हैं, लेकिन पहले वहां के वन उद्योग में वानिकी किसान के लाभ की उपेक्षा की गई। वर्ष 2002 में शी चिनफिंग ने अपने आप सामूहिक वन अधिकार प्रणाली के सुधार का नेतृत्व किया। इस सुधार से न सिर्फ स्थानीय पारिस्थितिकी की रक्षा की जा सकी, बल्कि जनता का जीवन भी समृद्ध बनाया गया है।
फूच्येन प्रांत के सानमिंग शहर में चिकित्सा सुधार वर्ष 2012 से शुरू हुआ। वह न सिर्फ चीन में बहुत प्रसिद्ध है, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व बैंक ने भी इस पर बड़ा ध्यान दिया है। वर्तमान में सानमिंग के चिकित्सा सुधार में शामिल कई कदम सारे चीन में उठाए गए हैं।
फूच्येन की शाश्येन काऊंटी में पैदा 'शाश्येन स्नेक्स' चीन में राष्ट्रीय स्नेक्स माना जाता है। वर्तमान में समूचे चीन में 'शाश्येन स्नेक्स' की शाखा रेस्त्राओं की कुल संख्या 80 हजार से अधिक पहुंच गई। उनके अलावा वह विश्व के 62 देशों व क्षेत्रों में भी नजर में आया है, जो एक विश्व प्रसिद्ध उद्योग बन गया।
इस बार फूच्येन की यात्रा में शी चिनफिंग ने खास तौर पर ऊलुंग चाय व काली चाय के जन्मस्थल वूई पहाड़ का दौरा किया। वहां उन्होंने चाय संस्कृति, चाय उद्योग और चाय विज्ञान व तकनीक के विकास पर बल देने की बात कही और हरित विकास व ब्रैंड के विकास पर भी बल दिया।
ध्यानाकर्षक बात यह है कि वूई पहाड़ पर स्थित एक चाय बागान में शी चिनफिंग को एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ दल मिला। इस दल की स्थापना 22 वर्षों पहले प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ प्रणाली के तले की गई। स्थानीय चाय किसानों ने इस दल के विशेषज्ञों से विज्ञान व तकनीक से जुड़ी खूब जानकारियां हासिल कीं।
गौरतलब है कि यह प्रणाली भी शी चिनफिंग के नेतृत्व में बनाई गई है। आगे समय में इस प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
20 वर्षों से पहले शी चिनफिंग ने डिजिटल फूच्येन का निर्माण करने की रणनीति पेश की। साथ ही वे इस निर्माण नेतृत्व दल के अध्यक्ष भी बने। गत वर्ष सारे फूच्येन प्रांत में डिजिटल अर्थव्यवस्था में 20 खरब युआन की वृद्धि हुई, और जीडीपी में इस का अनुपात आधे के लगभग हो गया।
पारिस्थितिक संसाधन फूच्येन प्रांत का सब से मूल्यवान संसाधन है और पारिस्थितिक श्रेष्ठता भी फूच्येन प्रांत का सब से शक्तिशाली प्रतिस्पर्धात्मक लाभ ही है। इसलिए फूच्येन को पारिस्थितिक सभ्यता के निर्माण पर ज्यादा बल देना चाहिए। वर्ष 2001 में फूच्येन प्रांत के पारिस्थितिक निर्माण नेतृत्व दल की स्थापना हुई और शी चिनफिंग इस दल के अध्यक्ष बने। उसी समय उनकी अथक कोशिश से फूच्येन प्रांत चीन में पहला राष्ट्रीय पारिस्थितिक सभ्यता प्रायोगिक क्षेत्र बना और लंबे समय में फूच्येन की वन कवरेज दर देश में पहले स्थान पर रही।
फूच्येन प्रांत द्वारा प्राप्त सिलसिलेवार उपलब्धियों के पीछे शी चिनफिंग की छाया छिपी हुई है, और यह बात भी साबित हुई है कि वे बुनियादी जनता पर बड़ा ध्यान देते हैं, जनजीवन में मौजूद समस्याओं का समाधान करने की पूरी कोशिश करते हैं।
(साभार : चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)(आईएएनएस)


