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-निरंजन सिंह
रांची. झारखंड विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को बालू खनन मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में आनलाइन माध्यम से जरुरतमंदों के घर बालू पहुंचेगा. इसके लिए पोर्टल तैयार कर लिया गया है, जिसके माध्यम से पैसा जमा करना होगा. करीब 785 रुपये प्रति 100 सीएफटी और परिवहन शुल्क के आधार पर सभी के घर बालू पहुंचाया जाए. हालांकि मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यह मामला पहले भी सामने आया है और इस पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बार-बार बालू की चोरी और लूट की बातें सुनकर उन्हें मानसिक रूप से परेशानी होती है.
सीएम सोरेन ने कहा कि बार-बार सुनने को मिलता है कि पुलिसवाले ट्रैक्टर पकड़ लेते हैं, चोरी को रोकने के लिए ही ट्रैक्टर से बालू ढुलाई का निर्देश दिया गया था, लेकिन ट्रक वाले हवा देने लगे. अगर ट्रक से बालू ढुलाई की छूट नहीं दी जाती तो कोई ट्रैक्टर में बालू भर कर दूसरे राज्य में नहीं ले जा पाता. उन्होंने कहा कि अब इस व्यवस्था का सरकार ने हल निकाल लिया है. अब ऑनलाइन माध्यम से लोगों के घर बालू पहुंचेगा. सरकार ने ऑनलाइन तरीके से बालू पहुंचाने का निर्णय लिया है. ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट को भी डिस्टेंस के आधार पर तय किया जाएगा. इस दौरान बालू खनन के साथ-साथ जमीन से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई.
झारखंड विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन अंचल में हो रहे जमीन से जुड़े मामले को लेकर विपक्षी दलों ने आवाज उठाई. बीजेपी के विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने सदन में कहा कि जमीन से जुड़े कई ऐसे मामले हैं जिस पर अंचल अधिकारी जमीन के मालिकों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं.


