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Dilip Kumar Sharma/BBC
-दिलीप कुमार शर्मा
असम में पहले चरण के लिए 47 विधानसभा सीटों पर महज तीन दिन बाद मतदान होने हैं लेकिन इस बीच राज्य के कई लेखकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने असम के लोगों से सत्तारूढ़ बीजेपी के पक्ष में वोट न करने की अपील की है.
इन लेखकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने अपनी इस अपील में उन दलों के पक्ष में मतदान करने को कहा है जो 'बेहतर जीवन की शर्तों को स्वीकार’करते हैं.
असम के 26 लेखकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने मंगलवार शाम को संयुक्त रूप से एक लिखित बयान जारी कर यह अपील की है.
इनमें अंतरराष्ट्रीय विद्वान डॉक्टर हिरेन गोहाईं, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता निरुपमा बोरगोहाईं, डॉक्टर लखीनंदन बोरा, पूर्व पुलिस महानिदेशक हरेकृष्णा डेका, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त सुदक्षिणा शर्मा, डॉक्टर अरूपा पटंगिया कलिता, कुलादा कुमार भट्टाचार्य और अपूर्व शर्मा जैसे 26 जाने-माने लोग शामिल हैं.
इस संयुक्त बयान को जारी करने की पुष्टि करते हुए डॉक्टर हिरेन गोहाईं ने बीबीसी से कहा, "हम लोगों ने असम के लोगों के बेहतर जीवन के लिए यह सार्वजनिक अपील की है."
इन लेखकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने नए बने क्षेत्रीय दल असम जातीय परिषद और रायजोर दल से भी अपील करते हुए कहा कि वो ऐसा कोई भी कदम न उठाए जिससे बीजेपी विरोधी वोट विभाजित हो और उसका बीजेपी को सत्ता में वापस आने में मदद मिले. (bbc.com)


