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स्थिति चिंताजनक पर लॉकडाउन के हालात नहीं -सिंहदेव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 मार्च। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि 30 प्रतिशत लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर हो रही है। लोग जांच कराने में देर कर रहे हैं। लक्षण दिखते ही जांच कराने पर रिकवर रेट की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि अति आवश्यक हो तो ही बाहर यात्रा करें। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 24 घंटे में कोरोना से मौत के मामले में छत्तीसगढ़ तीसरे नंबर पर है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रदेश में कल मंगलवार को कोरोना से एक ही दिन में 20 मरीजों की मौत हुई। महाराष्ट्र में अकेले 132, पंजाब में 53 लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिलहाल लॉकडाउन की स्थिति नहीं है। पहले फेस में कड़े लॉकडाउन को अपनाया, फिर भी कोरोना बढ़ा। संक्रमण की गति कम हो सकती है, लेकिन खत्म नहीं। दूसरी तरफ लॉकडाउन से रोजगार बंद हो जाते हैं। फिलहाल कोरोना से बचाव के लिए हमें बड़े आयोजनों से बचना है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना एक लाख टीककारण का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभी प्रदेश में रोज 70 हजार से 80 हजार लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। उन्होंने संक्रमण पर काबू पाने सभी लोगों से मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने, हाथों को साफ रखने और सार्वजनिक आयोजनों से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के साथ प्रदेश भी संक्रमण के दूसरे दौर से गुजर रहा है। छत्तीसगढ़ की स्थिति चिंताजनक है। अभी बाहर आना-जाना खतरनाक है। अति आवश्यक हो तभी ट्रेवल करें।
उन्होंने कहा कि मास्क नहीं लगाने वालों पर सख्ती जरूरी है। मास्क नहीं लगाने वालों से जुर्माने की राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने पर विचार चल रहा है। इसका मकसद 500 रुपये वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों को सावधान और सतर्क रखना है। श्री सिंहदेव ने कहा कि कोरोना संक्रमण का रेट 4.82 प्रतिशत हो गया है। 5-6 जिलों में कोरोना की समीक्षा करेंगे। खासकर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, जशपुर जिले में कोरोना की समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन आज रायपुर पहुंचेगी। प्रतिदिन टीकाकरण का लक्ष्य डेढ़ लाख रखा गया है, लेकिन उससे कम लोग टीका लगवाने आ रहे हैं।


