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उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत औरतों की रिप्ड यानी फटी डिजाइनिंग वाली जींस पर दिए बयान की वजह से चर्चा में हैं.
तीरथ सिंह रावत ने एक कार्यक्रम में कहा, ''एक बार जहाज में जब बैठा तो मेरे बगल में एक बहनजी बैठी हुईं थीं. मैंने उनको देखा तो नीचे गमबूट थे. जब और ऊपर देखा तो घुटने फटे हुए थे. हाथ देखे तो कई कड़े थे.''
रावत ने कहा, ''जब घुटने देखे और दो बच्चे साथ में दिखे तो मेरे पूछने पर पता चला कि पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं और वो खुद कोई एनजीओ चलाती हैं. जो एनजीओ चलाती हैं, उनके घुटने दिखते हैं. समाज के बीच में जाती हो. बच्चे साथ में हैं. क्या संस्कार दोगी?''
तीरथ सिंह रावत के इस बयान पर लड़कियों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
इस ख़बर को लिखे जाने तक अपने बयान और इन आपत्तियों पर तीरथ सिंह रावत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
बीबीसी हिंदी फ़ेसबुक पेज पर नीना शर्मा कमेंट करती हैं, ''महिला को ऊपर से लेकर नीचे तक निहारने वाले ये खुद बड़े संस्कारी हैं? ऐसी घटिया बातें बोलकर भाजपाई क्यों अपने संस्कार प्रदर्शित करते हैं? विदेशों में जाकर ऐसे ही लोग औरतों को घूर घूर कर देखते हैं.''
अरुणिमा मिश्रा भी लिखती हैं, ''ये नेता हमारे रोल मॉडल हैं, जो खुद अशिक्षित और संस्कारहीन बातें करते हैं. शर्म आती है. देश में यूं भी जजमेंटल लोगों की कमी नहीं.''
रीना उपाध्याय ने लिखा, ''अपनी ज़िंदगी अपनी स्टाइलिंग... दूसरे को क्यों दिक्कत? मंत्रियों की स्टाइलिंग तो डिसेंट होती है पर क्या वो खुद डिसेंट होते हैं. किसी का दिल सुंदर होना चाहिए. उसकी सोच सुंदर होनी ज़रूरी है. स्टाइलिंग पर मत जाओ.''
इसके अलावा लड़कियां इस मुद्दे पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी लिख रही हैं.
Ripped jeans anyday better than ripped brains! #RippedJeansTwitter ????????♀️ pic.twitter.com/ibB6X4baGh
— Bhumika Chheda (@IamBhumikaC) March 17, 2021
इस बयान पर हैशटैग #RippedJeansTwitter के साथ लड़कियों ने अपनी राय और जींस वाली तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की हैं.
अपर्णा तिवारी लिखती हैं, ''रिप्ड जींस पहनने वाली औरतें क्या संस्कार देंगी? क्या इसी वजह से शर्टलेस आदमी फेल होते हैं?''
रीवा सिंह जींस में अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखती हैं, ''हम संस्कारी हैं या नहीं, यह फ़िलहाल दरकिनार कर दें, पहले यह बताएं कि हमसे ही संस्कार की अपेक्षाएं क्यों? हम ही संस्कार की पाठशालाएं क्यों समझी जाती हैं? क्यों दें हम संस्कार? महिलाएं बिगड़ैल हो गयी हैं न, तो पुरुष यह कार्यभार क्यों नहीं संभालते?''
रीवा लिखती हैं, ''नियमित सूर्योदय से पूर्व उठें ताकि बच्चों से कह सकें कि जल्दी उठना चाहिए. बढ़िया पौष्टिक भोजन बनाकर घर-परिवार को खिलाएं ताकि मना कर सकें चाइनीज़-इटैलियन कुज़ीन. शाम को सबको डिनर खिलाकर बिस्तर पर पहुँचें. बढ़िया परवरिश! शुरू करें, कब से कर रहे हैं?''
I think it's time for #RippedJeansTwitter ???? pic.twitter.com/ZFuHGMkxoR
— Tanaya Patnaik (@tanaya_p) March 17, 2021
अदिति रावल ने लिखा, ''फटी जींस नहीं, फटी मानसिकता की सिलाई की ज़रूरत है.''
श्वेता राज फेसबुक पर लिखती हैं, ''हे नवका मुख्यमंत्री जी जींस वाली माएं, आपके समझ के ऊपर की चीज हैं. इसीलिए आप रहने दीजिए. आपसे ना हो पाएगा.''
अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी में इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
नव्या ने लिखा- हमारे कपड़े बदलने से पहले अपनी सोच बदलिए.
#RippedJeansTwitter
— deepali desai (@desaideepali) March 17, 2021
What a perfect day to flaunt this madness! pic.twitter.com/1KkiwNbB0M
इसके अलावा शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई और महिलाओं ने इस बयान पर आपत्ति जताई है. तीरथ सिंह रावत कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड के सीएम बने हैं.
काफी खोजने पर भी तीरथ सिंह रावत के बयान का समर्थन करने वाली महिलाओं की प्रतिक्रियाएं नहीं मिल पाई हैं.हालांकि कुछ पुरुष ज़रूर रहे, जिन्होंने तीरथ के बयान का समर्थन किया. ऐसे ही एक ट्विटर यूज़र जगदीश लिखते हैं, ''क्या आप औरतों के फटी जींस पहनने की वकालत कर रहे हैं? क्या ये हमारी हिंदू सभ्यता है. फटी जींस का समर्थन करने वाले लोगों शर्म करो.'' (bbc.com)
Are you advocating that women should wear Ripped Jeans in India? Is this our Hindus culture? Shame on people who support. https://t.co/B1WjFuhWAC
— Jagdish सुल्तानिया (@SultaniaJagdish) March 18, 2021


