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खड़ी वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की घटनाओं में डेढ़ सौ से अधिक मौतें
18-Mar-2021 2:08 PM
खड़ी वाहनों को पीछे से टक्कर मारने  की घटनाओं में डेढ़ सौ से अधिक मौतें

  सालभर में सडक़ हादसों में 52 सौ लोगों की जान गई  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 मार्च।
खड़ी वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की घटनाओं में प्रदेश में सालभर में डेढ़ सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है। बताया गया कि प्रदेश में एक साल में 13 हजार से अधिक सडक़ हादसे हुए हैं, इनमें 52 सौ से अधिक लोगों की जान गई है।

गृह विभाग ने सडक़ दुर्घटनाओं की समीक्षा की है। यह पाया गया कि खड़ी वाहनों को पीछे से टक्कर मारने की प्रदेश में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक कुल 172 दुर्घटनाएं हुई है। इनमें से 154 लोगों की मृत्यु हो गई, और 35 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। समीक्षा में यह बात सामने आई कि वाहन चालकों द्वारा लापरवाही पूर्वक नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा किया गया। 

वाहन खराब होने की स्थिति में सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। एक वजह यह भी है कि रात्रि के समय वाहन खड़ी किए गए जगह पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई। इससे परे जनवरी-2021 तक की अवधि में सालभर में प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं के 13 हजार 111 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें 5241 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। करीब 1751 लोग घायल हुए।

बताया गया कि सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाओं के प्रकरण रायपुर जिले में दर्ज किए गए। इनमें 1972 प्रकरण दर्ज किए गए, 535 मृत पाए गए, और 56 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बिलासपुर जिले में 1 हजार 7 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, इनमें 337 लोगों की मृत्यु हो गई, 169 लोग घायल हो गए। दुर्ग जिले में 996 प्रकरण दर्ज किए गए। 230 लोगों की मृत्यु हो गई, और 69 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राजनांदगांव जिले में 911 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें 342 लोगों की मृत्यु हो गई, और 139 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसी तरह रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा और बलौदाबाजार में भी 5 सौ से अधिक सडक़ दुर्घटनाएं सालभर की अवधि में हुए हैं। इनमें में सैकड़ों लोगों की जान गई है। सबसे कम नारायणपुर जिले में 93 घटनाएं हुई हैं। जिनमें 41 लोगों की मृत्यु हुई है। 


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