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जापान के भदंत नागार्जुन सुरई ससाई ने किया उद्घाटन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 12 मार्च। जिले में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सिरपुर बौद्ध महोत्सव व संगोष्ठी की शुरूआत आज से शुरु हो गई। मुख्य अतिथि जापान के भदंत नागार्जुन सुरई ससाई ने शुक्रवार दोपहर को महोत्सव का उद्घाटन किया। समारोह के शुभारंभ अवसर पर शोधार्थियों से प्राप्त आलेखों के संकलन पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया गया।
कल ही इस तीन दिवसीय महोत्सव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। यहां देश-विदेश के बुद्धिजीवी हमारे प्रदेश के बौद्ध विरासत व छत्तीसगढ़ी संस्कृतियों से रूबरू हो रहे हैं। इस महोत्सव में भाग लेने बौद्ध भिक्षुओं के साथ अन्य राज्यों के शोधार्थी भी सिरपुर पहुंचे।
कार्यक्रम के संयोजक व छत्तीसगढ़ हेरिटेज एंड कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष रघुनंदन ने बताया कि महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या में पंथी नृत्य कला जत्था, भीम गीत, बुद्ध वंदना, गेंड़ी नृत्य, मांदरी नृत्य, गौर नृत्य, सेंड आर्ट, गोदना आर्ट, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी, कबीर भजन, नाटक के साथ लोकगीत व संगीत की छठा बिखरेगी। देशभर के बुद्धिजीवी, चिंतक, गीतकार, साहित्यकार व विषय विशेषज्ञ मंच साझा करेंगे। महोत्सव में सिरपुर की विरासत को पुरखा के सुरता के माध्यम से सहेजने और समेटने का कार्य किया जा रहा है। महोत्सव में साहित्य, संस्कृति व भारत के गौरवशाली इतिहास पर आधारित दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी के लिए स्टॉल लगाए गए हैं।
समिति के प्रवक्ता डॉ.नरेश साहू ने बताया कि महोत्सव कोविड.19 के नियमों का पालन करते हुए आयोजित होगा। महोत्सव में संगोष्ठी का विषय सिरपुर की प्रासंगिकता, कल आज और कल, धम्म कला स्थापत्य, शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, समाज एवं इतिहास पर रखा गया है। इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर इतिहासकार दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो.रतन लाल, दलित दस्तक के संपादक व जामिया मिलिया विवि के हिंदी विभाग की एचओडी प्रो.हेमलता महिश्वर, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो.चौथीराम यादव, वरिष्ठ पत्रकार व दलित चिंतक दिलीप मंडल के साथ अन्य वक्ता शामिल होंगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों से वक्ता व शोधार्थीगण के पहुंचने का सिलसिला जारी है।


