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छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर,17 जनवरी। गरियाबंद में उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में ओडिशा से भटक कर आई बीमार मादा हाथी की शुक्रवार की रात मौत हो गई है। मृत्यु के कारणों की जांच कराई जा रही है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि हथनी भटक कर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आ गई थी। हाथी मित्र दलों ने इसकी सूचना दी। हथिनी कुछ खा भी नहीं रही थी। इसके चिकित्सकों ने उपचार भी किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मादा हाथी का पीएम कराया गया है, और उसके कोई गंभीर बीमारी की बात सामने नहीं आई है। विसरा, बरेली लैब भेजा गया, जहां जांच के बाद बीमारी के सही कारणों का पता चल पाएगा।
बताया गया हथिनी की उम्र 8-10 वर्ष की थी। कुछ सूत्रों कहना है
कि इसकी बीमारी बहुत गंभीर थी और कमजोर शरीर इलाज का भार सहन नहीं कर सका। यह मादा हाथी पखवाड़े भर पहले उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में भटककर पहुंची थी।
वन अफसरों ने बताया कि चार महीने पहले सितंबर में भी ओडिशा से एक और हाथी दल से भटक कर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आ गया था। वह भी बीमार था लेकिन बाद में इलाज के बाद स्वस्थ हो गया।
कि इसकी बीमारी बहुत गंभीर थी और कमजोर शरीर इलाज का भार सहन नहीं कर सका। यह मादा हाथी पखवाड़े भर पहले उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में भटककर पहुंची थी।
वन अफसरों ने बताया कि चार महीने पहले सितंबर में भी ओडिशा से एक और हाथी दल से भटक कर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आ गया था। वह भी बीमार था लेकिन बाद में इलाज के बाद स्वस्थ हो गया।


