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आरबीआई से मिलेगा 18 सौ करोड़ रियायती कर्ज
11-Mar-2021 4:25 PM
आरबीआई से मिलेगा 18 सौ करोड़ रियायती कर्ज

- केन्द्र के मापदंडों को पूरा करने पर सौगात 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 11 मार्च।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ सरकार को एक बड़ी राहत मिली है। नगरीय विकास और उद्योग से जुड़े मापदंडों के पूरा होने पर केन्द्र सरकार की अनुशंसा पर रिजर्व बैंक करीब 18 सौ करोड़ रूपये सॉफ्ट लोन देने जा रहा है। मामूली ब्याज पर लोन की अदायगी 50 सालों में करना होगा। 

केन्द्र सरकार ने सॉफ्ट लोन के लिए 4 मापदंड बनाए थे। इसको 31 जनवरी तक पूरा करना था। इसमें नगरीय प्रशासन में सुधार, जिला स्तर पर औद्योगिक विकास के लिए कदम उठाए जाने के अलावा बिजली व्यवस्था में सुधार के अलावा वन नेशन, वन राशन कार्ड बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने थे। 

बताया गया कि प्रत्येक सुधार पर राज्य को 895 करोड़ रूपये सॉफ्ट लोन देने प्रस्ताव दिया गया था। सूत्र बताते हैं कि नगरीय प्रशासन में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं, और ये कदम केन्द्र के मापदण्डों में खरा उतरे हंै। इसके बाद केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 895 करोड़ सॉफ्ट लोन ऋण देने की अनुशंसा वित्त मंत्रालय को भेजी है, और वित्त मंत्रालय ने भी इस पर मुहर लगा दी है। इसी तरह जिला स्तर पर औद्योगिक विकास के लिए किए गए सुधार पर भी केन्द्रीय उद्योग मंत्रालय ने संतोष जाहिर किया है। 

नई सरकार ने बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े इलाकों में उद्योग लगाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, कई तरह की रियायतें दी गई हैं। जिसकी काफी सराहना हो रही है। उद्योग मंत्रालय में इसके लिए भी छत्तीसगढ़ को 895 करोड़ ऋण देने की अनुशंसा वित्त मंत्रालय को भेजी थी, और वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को भेज दी है। 

इस तरह कुल 17 सौ 90 करोड़ सॉफ्ट लोन मिल सकेगा। इसके लिए ब्याज दर मात्र .25 फीसदी है, जिसे 50 साल में अदा करना होगा। बताया गया कि इतनी ही राशि और मिल सकती थी, लेकिन बिजली के क्षेत्र में सुधार के लिए अपेक्षाकृत काम नहीं हो पाया, और वन नेशन वन राशन कार्ड बनाने की दिशा में भी ठोस प्रगति नहीं हो पाई। इसलिए इन पर सॉफ्ट लोन नहीं मिल सकेगा। राज्य सरकार जरूरत के मुताबिक 17 सौ 90 करोड़ लोन से सकती है। धान खरीदी की वजह से सरकार पर भारी भरकम बोझ है, सॉफ्ट लोन की सहमति से सरकार को कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।
 

 


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