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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 11 मार्च। सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 2020 में सिविल जज भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। प्रारंभिक परीक्षा के बाद आयोग ने मॉडल आंसर जारी किया। इसके बाद प्रश्न पत्र के प्रश्न क्रमांक 12 तथा 19 को यह कह कर डिलीट कर दिया कि यह दोनों प्रश्न गलत हैं।
परीक्षा में शामिल एक अन्य अभ्यर्थी छबिलाल साहू ने इसका विरोध करते हुए अधिवक्ता संघ के माध्यम से याचिका हाईकोर्ट में पेश की। इसमें कहा गया कि बाद में प्रश्नों को डिलीट करने से अनेक अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों का फर्क पड़ गया है और वह मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
लोक सेवा आयोग की ओर से बताया गया कि हमने इसके लिए पहले ही विशेषज्ञ समिति को जवाबदारी दी हुई है। समिति के निर्देश के अनुसार ही इन दोनों प्रश्नों को विलोपित किया गया है। इस बात के बाद पूर्व में हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग को निर्देशित किया था कि अगली सुनवाई में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हाईकोर्ट में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पीएससी की ओर से प्रस्तुत की गई। बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।


