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तकनीकी अफसरों को बचाने का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 मार्च। कटघोरा वनमंडल के जटगा वन परिक्षेत्र में कैम्पा मद से स्टापडैम के निर्माण में अनियमितता का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कैम्पा मद से 17 स्टापडैम का निर्माण किया जा रहा है। तीन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षतिग्रस्त स्टापडैम के निर्माण के लिए दो वन अफसर जिम्मेदार हैं। विपक्षी सदस्यों ने इस पूरे मामले में तकनीकी अफसरों को बचाने का आरोप लगाया है, और दूसरे परिक्षेत्र के अफसरों से जांच की मांग की।
प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल की गैर मौजूदगी में शिवरतन शर्मा ने मामला उठाया। इसके जवाब में वन मंत्री ने बताया कि वनमंडल कटघोरा के जटगा वन परिक्षेत्र में कैम्पा मद अंतर्गत वर्ष 2019-20 में कुल 17 स्टापडैम का निर्माण कार्य कराया गया है। इस सिलसिले में कुल 5 शिकायतें आई है। इसकी जांच कराई गई, और 3 स्टापडैम आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं।
क्षतिग्रस्त स्टापडैम के लिए प्रथम दृष्टया तत्कालीन परिक्षेत्र अफसर मोहर सिंह मरकाम, और अरविंद तिवारी तत्कालीन उप वनमंडलाधिकारी जिम्मेदार हैं। स्टापडैम निर्माण कार्य में विभागीय नियमों, और प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि तकनीकी अधिकारी को बचाया जा रहा है।
वनमंत्री श्री अकबर ने कहा कि आरईएस के माध्यम से काम हुआ है, और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी इन्हीं दोनों अफसर पर थी। इसलिए अनियमितता के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया। श्री अकबर ने कहा कि सिर्फ तीन स्टापडैम में तकनीकी गड़बड़ी पाई गई है। पानी गिरने से कुछ क्षतिग्रस्त हुआ है। चूंकि इन्हीं दोनों अफसरों पर देखरेख की जिम्मेदारी थी। इसलिए उन्हें ही जिम्मेदार माना गया है। शिवरतन शर्मा ने दूसरे परिक्षेत्र के अफसरों से इसकी जांच की मांग की। उनके सवाल के जवाब में श्री अकबर ने बताया कि सभी 17 बिंदुओं पर जांच हो चुकी है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने भी इसको लेकर सवाल पूछे।


