ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 जनवरी। राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से परेशान बस्तर, नांदगांव, धमतरी क्षेत्र के दर्जनों नक्सल पीडि़त परिवार आज अलग-अलग वाहनों में सवार होकर रायपुर पहुंचे। वे सभी यहां मोतीबाग में एकजुट होकर मीडिया को अपनी समस्याएं बताते रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सरकार की योजनाओं का लाभ ना मिलने पर वे सभी यहां 50 हजार की संख्या में पंहुचकर सीएम हाउस का घेराव करेंगे।
नक्सल पीडि़त परिवार के विजय प्रकास गुप्ता, धीरेन्द्र साहू व अन्य लोगों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा नक्सल पीडि़त परिवारों के लिए 2004 में पुनर्वास योजना बनाई गई है। योजना के तहत पीडि़त परिवार को सरकारी नौकरी, केंद्र और राज्य आर्थिक सहायता, शहरी क्षेत्र में निशुल्क मकान, शिक्षा के लिए परिवार के 2 बच्चों को छात्रवृत्ति, राशन कार्ड, बस पास, नक्सल पीडि़त प्रमाण पत्र, जमीन के बदले जमीन, स्वरोजगार के लिए आवासीय परिसर में दुकान व अनुदान देने का प्रावधान है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
उनका कहना है कि नांदगांव के 40 नक्सल पीडि़त परिवार ने 2019 में योजना का लाभ दिलाने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इस दौरान कोर्ट ने शासन-प्रशासन को योजनाओं का पूरा लाभ देने कहा था, पर इस पर भी अमल नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि राशन कार्ड, बस पास के अलावा उन्हें कोई भी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कुछ पीडि़त परिवारों को राजीव गांधी फाउंडेशन दिल्ली और राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सद्भाव संस्था दिल्ली की ओर से छात्रवृत्ति दी जा रही है। बाकी सुविधाओं के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। वहीं उन्हें नक्सलियों का खतरा भी बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि राजनांदगांव, कांकेर, धमतरी, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, जगदलपुर, बस्तर जिले में करीब 50 हजार नक्सल पीडि़त परिवार हैं। सरकार के योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिलने पर वे सभी यहां 15 फरवरी के बाद मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।


