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विपक्ष का प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगडऩे का आरोप, शोर-शराबा
24-Dec-2020 3:02 PM
विपक्ष का प्रदेश में कानून व्यवस्था  बिगडऩे का आरोप, शोर-शराबा

पांच मिनट के लिए सदन स्थगित भी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 दिसंबर।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गुरूवार को भाजपा सदस्यों ने काम रोको प्रस्ताव लाया, और तुरंत चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में हत्या और लूट की वारदात आम हो गई है। शोर शराबा और हंगामे की वजह से सदन की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित भी हुई।

प्रश्नकाल के तुरंत बाद भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा ने कानून व्यवस्था पर काम रोको प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में 4 लोगों की हत्या और जयस्तंभ चौक जैसे संवेदनशील इलाके में चाकू घोंपने जैसी वारदात का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। विपक्षी सदस्यों ने पुलिस प्रताडऩा में त्रस्त लोगों द्वारा थानों में आत्महत्या करने का भी जिक्र किया। 

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपने जवाब में इस बात से इंकार किया कि प्रदेश के थानों में लगातार प्रताडऩा से त्रस्त लोग आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने पंडरी थाने में अमित गाइन के आत्महत्या पर कहा कि पुलिस द्वारा कोई मारपीट और अमानवीय व्यवहार नहीं किया गया। प्रकरण की न्यायिक मजिस्टे्रट द्वारा जांच की जा रही है। 

उन्होंने इस बात से इंकार किया कि पिछले दो वर्षों में पुलिस हिरासत में मृत्यु की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जेलों में पिछले 3 माह में प्रताडऩा के कारण किसी भी कैदी की मौत नहीं हुई है। जनजीवन सामान्य है, शासन-प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास बढ़ा है। मंत्री के जवाब से विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए, और जोर-जोर से बोलने लगे। शोर शराबा और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।


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