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नई दिल्ली, 15 दिसंबर | दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सो को अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मंगलवार को नर्सो के यूनियन को बैठक के लिए बुलाया है। एम्स के निदेशक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब यूनियन और अस्पताल प्रशासन एक सौहार्दपूर्ण माहौल में संभवत: हड़ताल को समाप्त कर दिया जाएगा।
एम्स नर्स यूनियन के अध्यक्ष हरीश कुमार ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने हमेशा बातचीत का स्वागत किया, और यह प्रशासन है जो कभी उनकी सुनना नहीं चाहता था।
उन्होंने कहा, "यही कारण है कि हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल का कठोर निर्णय लेना पड़ा। हमने बातचीत के माध्यम से अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कभी अपने दरवाजे बंद नहीं किए।"
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एम्स नर्स यूनियन को अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने से रोक दिया।
एम्स की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल- पीठ ने इस बाबत एक आदेश पारित किया। अदालत ने पाया कि यूनियन की शिकायत अधिकारियों द्वारा सुनी जा रही थी।
अदालत ने कहा अगले आदेश तक हड़ताल जारी रखने पर रोक लगाई जाती है।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी 2021 को होगी।
नर्सो ने मांग की थी कि छठे केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) के अनुसार प्रारंभिक वेतन के निर्धारण में एक विसंगति में सुधार किया जाए, नर्सिग अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में लिंग आधारित आरक्षण को खत्म करने और संविदात्मक नियुक्तियों को सुलझाना, जैसे मुद्दे शामिल हैं। (आईएएनएस)


