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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 12 दिसम्बर। दुष्कर्म के मामलों पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के बयान पर भाजपा नेत्री हर्षिता पांडे ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए इसे महिला विरोधी और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।
डॉ. नायक दो दिन तक बिलासपुर में रहीं और उन्होंने महिलाओं के उत्पीड़न से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई की। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में लड़कियां पहले सहमति से सम्बन्ध बनाती हैं, लिव-इन में रहती हैं और बात बिगड़ने पर रेप का केस दर्ज करा देती हैं। ऐसे रिश्ते में पड़ने का नतीजा बुरा होता है। महिलाओं को अपने अधिकार के बारे में पता होना चाहिये। कई लोग तो 18 साल की होते ही शादी कर लेती हैं और बच्चा होने पर आयोग में शिकायत लेकर आती हैं। ऐसी महिलाओं को फिल्मी तरीके से किसी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिये।
डॉ. नायक के बयान पर भाजपा नेत्री हर्षिता पांडेय ने, जो स्वयं भी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकी हैं और इस समय राष्ट्रीय महिला आयोग में सलाहकार हैं कहा है कि वूमन कमीशन, एंटी वूमन कमीशन की भूमिका में दिखाई दे रहा है। डॉ. नायक का बयान गैर जिम्मेदाराना है और यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। महिला आयोग अध्यक्ष भूल गईं कि किसी से छलपूर्वक या गलत जानकारी के आधार पर सहमति लेना, सहमित नहीं माना जा सकता। सारी महिलाओं पर ऐसा निष्कर्ष लागू नहीं किया जा सकता। हर मामले को स्वतंत्र रूप से देखा जाना चाहिये। ऐसी संस्था जिसका काम महिलाओं के हितों की सुरक्षा है उसके सर्वोच्च पद पर बैठे पदाधिकारी का पूर्वाग्रह दुर्भाग्यपूर्ण है। सत्ता में बैठे लोग जब कोंडागांव, बलरामपुर, कवर्धा, जशपुर में महिलाओं पर हुए अत्याचार पर न्याय दिलाते नहीं दिखते तो महिला आयोग व राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा नेत्री ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार होने के नाते वे प्रदेश की सारी महिलाओं के साथ हर स्थिति में उनके हितों के संरक्षण के लिये खड़ी हैं।
दो दिनों में नौ मामलों में सुलह हुई
महिला आयोग के बिलासपुर कैम्प के दो दिनों में नौ परिवारों के बीच सुलह कराई गई। दो दिनों में सुनवाई के लिये 43 आवेदन पहुंचे थे। एक प्रधान आरक्षक के खिलाफ आई शिकायत के मामले में उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक को कार्रवाई के लिखा है। एसईसीएल के एक कर्मचारी के खिलाफ आई शिकायत पर महाप्रबंधक भटगांव को जांजगीर-चाम्पा में सुनवाई के दौरान दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा है।


