ताजा खबर

कानूनों का दुरूपयोग करने पर उनका लाभ नहीं मिल पाता- किरणमयी नायक
11-Dec-2020 10:27 AM
कानूनों का दुरूपयोग करने पर उनका लाभ नहीं मिल पाता- किरणमयी नायक

महिलाओं को झूठे मामले प्रस्तुत करने से बचने की दी गई समझाईश, प्रताड़ना के एक मामले में एसईसीएल सीजीएम से कर्मचारी का पूरा ब्यौरा मांगा, थाने को सूचित किया

"छत्तीसगढ़ संवाददाता"

बिलासपुर 11 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर दो दिन की सुनवाई तय की है। सुनवाई में पहले दिन 20 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 7 का निराकरण मौके पर ही किया गया। डॉ. नायक ने महिलाओं को झूठे मामले प्रस्तुत करने से बचने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि कानूनों का दुरुपयोग करने पर उनका लाभ नहीं मिल पाता है। 

प्रार्थना सभा भवन में आयोजित सुनवाई में मुख्य रूप से महिलाओं से मारपीट, मानसिक प्रताड़ना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना, शारीरिक प्रताड़ना से संबंधित प्रकरण आये। महाराणा प्रताप चौक बिलासपुर की एक आवेदिका ने आयोग के समक्ष शिकायत की थी कि उनके सास-ससुर द्वारा पति के साथ-साथ उनके मायके वालों को भी धमकाया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने पसंद से विवाह किया था। अनावेदक महिला के ससुर ने सुनवाई में उपस्थित होकर बताया कि उन्होंने अपने बेटे को संपत्ति से वर्ष 2013 में ही बेदखल कर दिया है। फिर भी वे दोनों पति-पत्नी उनके घर में घुसकर अधिकार जमाते हैं। आयोग की अध्यक्ष ने इस प्रकरण को गंभीरता से सुना और इस पर निर्णय लेते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध करने का निर्देश दिया। इस प्रकरण में झूठी शिकायत कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया था। एक प्रकरण में पति-पत्नी के बीच सुलह होने की संभावना है जिसे आयोग के समक्ष पुनः रखकर प्रकरण को निराकृत किया जाएगा।

तखतपुर निवासी एक आवेदिका ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके घर के समीप स्थित मजार में जबरन कब्जा कर लिया गया है, जिसका विरोध करने पर उनके पति से झगड़ा किया गया। इस संबंध में तखतपुर थाने में रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। अतः उनकी जान-माल की सुरक्षा की जाए। अध्यक्ष डॉ. नायक के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच सामाजिक समझौता कराने के लिये आयोग की ओर से वक्फ बोर्ड को पत्र भेजा गया और बोर्ड के सचिव को तीन माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। अशोक नगर सरकंडा निवासी आवेदिका ने अपने पति के खिलाफ मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। ससुराल वाले भी पति का साथ देते हैं, जिसके कारण वह अपने पुत्र के साथ अलग रहती है। उसने अपने पति से भरण-पोषण और उनका वाजिब हक दिलाने और उनके ससुराल वालों पर कार्रवाई की मांग की। इस प्रकरण में अनावेदक सुनवाई में अनुपस्थित रहा, अतः आयोग की अध्यक्ष डॉ. नायक द्वारा एसईसीएल भटगांव एरिया जरही जिला सूरजपुर के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर अनावेदक की सैलरी स्लिप, संपत्तियों की जानकारी और रिकॉर्ड के साथ आवश्यक रूप से जांजगीर जिले में सुनवाई के लिये उपस्थित रहने कहा। साथ ही एसईसीएल थाना भटगांव के थाना प्रभारी को भी इस सुनवाई के दौरान अनावेदक की उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।

सुनवाई के दौरान विधायक शैलेष पाण्डेय, महापौर रामशरण यादव, संयुक्त कलेक्टर दिव्या अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, अटल श्रीवास्तव, प्रमोद नायक आदि मौजूद थे। 


अन्य पोस्ट