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कोच्चि, 9 दिसंबर | केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि केंद्र को एससीटीआईएमटी निदेशक को हटाने का अधिकार है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के आदेश को बरकरार रखा और आशा किशोर की याचिका को खारिज कर दी। किशोर यहां श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) की प्रमुख भी हैं। किशोर ने निदेशक के रूप में हटाने के खिलाफ सबसे पहले कैट से संपर्क किया था, लेकिन उसने नवंबर 2020 में उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
एससीटीआईएमएसटी विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय संस्थान है।
संस्थान उच्च गुणवत्ता, हृदय और न्यूरोलॉजिकल विकारों के एडवांस उपचार, जैव चिकित्सा उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण और अनुसंधान पर केंद्रित है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब वर्तमान अंतरिम निदेशक के. जयकुमार का कार्यकाल समाप्त होता है, तो केंद्र अगले निदेशक को भी नियुक्त कर सकता है।
--आईएएनएस


