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दिल्ली, 07 दिसम्बर| सूफ़ी संत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अमीश देवगन के ख़िलाफ़ अलग-अलग राज्यों में दर्ज कराई गई एफ़आईआर को राजस्थान के अजमेर ट्रांसफ़र करने के लिए भी कहा है.
SC refuses to quash FIRs against news anchor Amish Devgan for his alleged defamatory comment against Sufi saint Khwaja Moinuddin Chisti
— Press Trust of India (@PTI_News) December 7, 2020
इससे पहले 25 सिंतबर को जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने अमीश देवगन की उस याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था जिसमें न्यूज़ एंकर ने कहा था कि उनकी ज़ुबान फिसल गई थी और इसके लिए अपनी ओर से खेद भी ज़ाहिर कर चुके हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सोमवार को जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सभी एफ़आईआर को मिलाते हुए कहा है कि अमीश देवगन जाँच में यदि सहयोग करते हैं तो उनके ख़िलाफ़ कोई कड़ी कार्रवाई ना की जाए.
इस साल 15 जून को प्रसारित अपने टीवी शो में अमीश देवगन ने सूफ़ी संत के बारे में कथित अपमानजनक बातें कही थीं, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मामले दर्ज कराए गए थे.
अपने टीवी शो 'आर-पार' में पूजा स्थल के विशेष प्रावधान अधिनियम के संबंध में जनहित याचिका पर बहस की मेज़बानी करते हुए, अमीश ने ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को, जिन्हें ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के तौर पर जाना जाता है, एक 'हमलावर' और 'लुटेरा' कह दिया था.

अमीश देवगन ने टीवी प्रोग्राम में माफ़ी माँगने के अलावा 16-17 जून को ट्विटर के ज़रिए भी अपनी सफ़ाई दी थी.
देवगन ने सूफ़ी संत को 'लुटेरे' के रूप में संदर्भित करने के लिए भी माफ़ी माँगी थी और इसे 'अनजाने में हुई त्रुटि' कहा था. माफ़ी का उनका ट्वीट था, "मेरी 1 बहस में, मैंने अनजाने में 'खिलजी' को चिश्ती के रूप में संदर्भित किया. मैं ईमानदारी से इस गंभीर त्रुटि के लिए माफ़ी माँगता हूँ और यह सूफ़ी संत मोइनुद्दीन चिश्ती के अनुयायियों की नाराज़गी का कारण हो सकता है. मैंने अतीत में उनकी दरगाह पर आशीर्वाद माँगा था. मुझे इस त्रुटि पर अफ़सोस है."
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब देवगन के ख़िलाफ़ दर्ज हुए सभी मामलों को राजस्थान के अजमेर स्थानांतरित कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 8 जुलाई का जाँच और पत्रकार के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई पर रोक का आदेश जारी रहेगा.
अमीश देवगन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कथित अपमानजनक टिप्पणियों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है.
अजमेर में 13वीं शताब्दी के पूजनीय सूफ़ी संत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरग़ाह है जहाँ हर साल बड़ी संख्या में लोग ज़ियारत करने पहुँचते हैं.(bbc.com/hindi)


