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ज्यादातर कुलपतियों ने राय भेजी, कैबिनेट में होगा फैसला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 दिसंबर। कोरोना संक्रमण के बीच प्रदेश में कॉलेजों में कक्षाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू करने पर विचार चल रहा है। बताया गया कि पहले चरण में स्नातकोत्तर और स्नातक के अंतिम वर्ष की कक्षाएं शुरू हो सकती हैं। इस पर फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने कॉलेज खोलने की अनुमति दे दी है। इस पर कैबिनेट की बैठक में विचार विमर्श किया गया था, और इसको लेकर कुलपतियों से राय मांगी गई थी। ज्यादातर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने सुझाव दे दिए हैं। इन सुझावों पर कैबिनेट की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। बैठक की अभी तिथि तय नहीं हुई है। माना जा रहा है कि 9 तारीख को बैठक हो सकती है।
सूत्र बताते हैं कि सभी कुलपति स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने पर सहमत हैं। वजह यह है कि स्नातकोत्तर में छात्र संख्या कम होती है, और सामाजिक दूरी के साथ कक्षाएं शुरू की जा सकती है। कुछ इसी तरह स्नातक अंतिम वर्ष की कक्षाएं भी सामाजिक दूरी के साथ शुरू हो सकती है। चर्चा है कि प्रदेश में 15 दिसंबर से स्नातक की कक्षाएं शुरू हो सकती है। इससे पहले स्नातकोत्तर की कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। कॉलेज प्रबंधन को कक्षाओं को सेनेटाइज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मास्क की अनिवार्यता है ही।
बताया गया कि प्रथम और द्वितीय वर्ष की कक्षाएं पालियों में लगाने का भी सुझाव आया है। इसको लेकर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जाएगा। सरकार ने पहले ही आईटीआई शुरू करने की अनुमति दे दी है। वैसे अभी कोरोना संक्रमण काबू में है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। यही वजह है कि सरकार कक्षाएं शुरू करने को लेकर फूंक-फूंककर कदम उठा रही है, और स्वास्थ्य विभाग से भी रायशुमारी कर रही है।


