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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 दिसंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर कृषि कानूनों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का कृषि संशोधन बिल चिटफंड कंपनियों की तरह किसानों को कंगाल कर देगा।
रायगढ़ में मीडिया से चर्चा में कहा कि यह किसानों का स्वस्र्फूत आंदोलन में किसानों के आंदोलन के साथ खड़े हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के कृषि बिल की तुलना छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के दौरान बनी चिटफंड कंपनियों से कर दी।
उन्होंने कहा जैसे उस समय चिटफंड कंपनियां लोगों के पैसे लेकर किसानों को कंगाल कर गई उसी तरह कृषि बिल किसानों को कंगाल कर देगी। श्री बघेल ने कहा कि बिल पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उन्होंने आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जहां 12 प्रतिशत किसान सरकारी एमएसपी पर निर्भर हैं वही छत्तीसगढ़ के 94 प्रतिशत किसान सरकारी एमएसपी का लाभ उठाते हैं। ऐसे में एमएसपी और मंडियों को खत्म करने की कोशिश किसानों के हितों पर कुठाराघात है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन के साथ जरूर खड़ी है लेकिन आंदोलन किसानों का स्वस्फूर्त है।


