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बूढ़ासागर की करोड़ों की बाउंड्रीवाल धंसकर गिरी
02-Dec-2020 1:04 PM
बूढ़ासागर की करोड़ों की बाउंड्रीवाल धंसकर गिरी

पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की एक-दूसरे पर तोहमत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 2 दिसंबर।
करोड़ों रुपए की लागत से ऐतिहासिक बूढ़ासागर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया बाउंड्रीवाल बुधवार को धंसकर सरोवर में गिर गया। हादसे से कोई भी हताहत नहीं हुआ है, लेकिन  बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए फूंके गए करोड़ों की राशि  पानी में बह गई। वहीं घटिया निर्माण से बने दीवार की गुणवत्ता की भी हादसे से पोल खुल गई। 

मिली जानकारी के मुताबिक शीतला मंदिर से सटे दिग्विजय कॉलेज मार्ग में बनाए गए बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा आज सुबह एकाएक धंसकर पानी में गिर गया। बताया जा रहा है कि बूढ़ासागर की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया था। तकनीकी रूप से निर्माण कार्य को पुख्ता तरीके से नहीं किया गया। लिहाजा दीवार की नींव पानी में बह गई। बताया जा रहा है कि सालभर पूर्व निगम द्वारा बूढ़ासागर की तलहटी में पटे कीचड़ को हटाया गया था। इस दौरान दीवार निर्माण का काम भी चलता रहा। 
बताया जा रहा है कि दीवार की नींव कीचड़ में ही रखी गई। पानी में मिट्टी के घुलने के कारण नींव गिर गई। इधर नगर निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों इस  मामले में एक-दूसरे पर ठिकरा फोड़ रहे हैं। 

निगम के ईई दीपक जोशी ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि पीडब्ल्यूडी की देखरेख में दीवार का निर्माण किया गया था। इस संबंध में अधिकृत जानकारी पीडब्ल्यूडी के अफसर देंगे। 
इधर पीडब्ल्यूडी के ईई डीके नेताम ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि विभाग द्वारा उक्त निर्माण नहीं किया गया है। नगर निगम के कार्य क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी छोटे निर्माण नहीं करता है। 

इस बीच सौंदर्यीकरण के दीवार ढ़हने से यह साफ हो गया है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता और तकनीकी  बातों का ध्यान नहीं रखा गया। जिसके चलते आज सुबह दीवार गिर गई। पिछले कई सालों से अलग-अलग निर्माण के जरिये ऐतिहासिक बूढ़ासागर के सुंदरता को बढ़ाने की कोशिश में करोड़ों रुपए फूंके गए हैं। हर दो से तीन साल के अंतराल में बूढ़ासागर का गहरीकरण भी किया जाता रहा है। इसके बावजूद बूढ़ासागर की खूबसूरती में निखार नहीं आया है। आज हुए हादसे के बाद निगम और पीडब्ल्यूडी के अफसर एक-दूसरे पर दोषारोपण कर अपना पलड़ा झाड़ रहे हैं। 

 


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