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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 नवंबर। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पूर्व आईएएस बाबूलाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग के प्रकरण में हिरासत में लेने के बाद मंगलवार को चतुर्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार वर्मा की कोर्ट में पेश किया। अग्रवाल को सोमवार की रात कोई ईडी (प्रवर्तन निदेशालय)की टीम ने हिरासत में लिया था।
अग्रवाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का प्रकरण दर्ज है। ईडी की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हल्कों में हडक़ंप मच गया। ईडी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बीएल अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान मीडिया से चर्चा में बीएल अग्रवाल ने कहा कि मैंने कोई मनी लॉन्ड्रिंग नहीं की है। 11 साल पुराना प्रकरण है। अदालत में पहले ही मेरे पक्ष में फैसला आ चुका है। मेरे खिलाफ साजिश की गई है।
उन्होंने कहा कि समय आने पर वे इसकी जानकारी देंगे। अग्रवाल ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को डराने की चाल है। सीबीआई का आना बंद है, अब ईडी से डराने की कोशिश हो रही है। ईडी उन्हें रिमांड में लेने की अनुमति मांग रही है। देर शाम तक इस पर फैसला होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि खरोरा में ग्रामीणों के नाम से खाता खोलकर धन राशि जमा करने का आरोप है। ईडी ने बाबूलाल अग्रवाल के परिवार की 36 करोड़ की रकम जब्त भी की है।


