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नोटबंदी इतिहास का सबसे बड़ा संगठित घोटाला-मरकाम
08-Nov-2020 1:46 PM
नोटबंदी इतिहास का सबसे बड़ा  संगठित घोटाला-मरकाम

मोदी सरकार के खिलाफ  कांग्रेस की ऑनलाइन कैम्पेन


‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 नवंबर।
नोटबंदी के चौथे साल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मोदी सरकार की तीखे आलोचना की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी आपदा के लिए मोदी सरकार को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ऑनलाइन कैम्पेन चलाकर मोदी सरकार के विश्वासघात दिवस के रूप में मना रही है।

मरकाम ने मीडिया से चर्चा में नोटबंदी पर कहा कि आज ही के दिन केन्द्र सरकार ने नोटबंदी किया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कहा था कि 80 लाख करोड़ के काले धन वापस आएंगे, प्रत्येक नागरिक के बैंक खातों में 15-15 लाख आएंगे जबकि हुआ यह कि 99.3 फीसदी पैसा वापस बैंकों में आ गया। सरकार के पास कोई अतिरिक्त धन नहीं बचा, अर्थात यह उद्देश्य पूरी तरह से फेल हो गया। उन्होंने नोटबंदी की विफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने नोटबंदी करते समय कहा था कि आतंकवाद पर रोक लगेगी, लेकिन एक हफ्ते के भीतर कश्मीर में मारे गए उग्रवादियों से नए नोट प्राप्त किए गए। यह उद्देश्य भी असफल रहा।

मरकाम ने यह भी कहा कि नक्सलवाद खत्म होने की बात कही गई थी। हकीकत यह है कि माओवाद नोटबंदी के बाद छत्तीसगढ़ की भाजपा के शासनकाल के दौरान ही बढ़ता गया, नक्सली घटनाओं में रमन राज में कोई कमी नहीं आई। यह उद्देश्य फेल हुआ। उन्होंने कहा कि फैसले के 3 दिन के अंदर नकली नोट पकड़े गए, यहां तक कि बैंक के काउंटरों से नकली नोट जारी होने की खबरें आई। ना केवल बड़े शहरों से बल्कि छोटे कस्बों और गांवों तक भी नए नकली नोट भरपूर मात्रा में आ चुके हैं। यह उद्देश्य भी फेल हुआ।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। नया 2 हजार का नोट लेन-देन, लाने ले जाने और छुपाने में आसान है। नए नोटों में रिश्वत के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह तर्क हास्यास्पद है कि बड़े नोट से भ्रष्टाचार रुकेगा। असल बात यह है कि भाजपा नेताओं के दबाव में कई बैंक अधिकारी काले धन को सफेद करते पाए गए! कई सहकारी बैंकों में जहां केवाईसी नॉर्म्स अपडेट भी नहीं थे, भाजपा नेताओं के दबाव में बड़ी मात्रा में नोट अदला बदली है किए गए। 
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के चंद महीने पूर्व ही बीजेपी ने देश के अलग-अलग राज्यों में भूमि संपत्तियों में भारी निवेश किया और एक दिन पहले ही भारी मात्रा में बैंकों में धन जमा कराया। बीजेपी के कई नेताओं से नए नोट भारी मात्रा में पकड़े गए। इससे साफ है कि नोटबंदी भारत के इतिहास में सबसे बड़ा संगठित घोटाला है और इसके लिए देश और देश के नागरिको को लंबे समय तक भुगतना होगा।

उन्होंने कहा कि  4 साल बीतने के बाद भी इसपर कोई जवाब नहीं, बल्कि देश और देशवासियों को अर्थव्यवस्था की चोट देकर नित नए जुमला और झांसे में फंसने का प्रयास जारी है। मरकाम ने कहा कि सैकड़ों लोग लाइन में खड़े होने के कष्ट को न झेल पाने के कारण जान गवाए। सकल घरेलू उत्पाद में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों में सर्वाधिक है। 


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