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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 नवंबर। दिवंगत पूर्व सीएम अजीत जोगी के करीबी रहे पूर्व विधायक मंतूराम पवार ने कहा कि जनता कांग्रेस अंतिम सांस ले रही है। कोई भी अमित जोगी का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
पवार, जोगी परिवार के करीबी रहे हैं। अंतागढ़ उपचुनाव में अपना नाम वापस लेने के बाद सुर्खियों में आए थे। मंतूराम पवार ने सोशल मीडिया के जरिए मरवाही उपचुनाव पर प्रतिक्रिया दी है, और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासन काल में अंतागढ़ उपचुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई थी। जिससे विधानसभा चुनाव में 90 में से मात्र 15 सीटें पर भाजपा सिमटकर रह गई।
पवार ने अजीत जोगी का जिक्र करते हुए कहा कि वे महान व्यक्ति में से एक थे। 20 साल तक मरवाही और छत्तीसगढ़ में राज किया। इसके बाद कांग्रेस से बगावत कर नई पार्टी जनता कांग्रेस का गठन किया। उनकी मृत्यु के बाद मरवाही में उपचुनाव होने जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने अमित जोगी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया, जिसके चलते जनता कांग्रेस टूटने की कगार पर है। पार्टी अंतिम सांस ले रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मरवाही उपचुनाव में भाजपा और जोगी कांग्रेस एक होने पर दोनों पार्टी के ईमानदार वरिष्ठ कार्यकर्ता दुखी होकर भाजपा के प्रत्याशी को हराने के लिए जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि अब रमन सिंह और अमित स्वीकार नहीं है। विकास तो सरकार को ही करना है, क्यों ना भूपेश बघेल के पंजा पर ही मुहर लगा दें।


