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अचानकमार में बाइसन दर्शन
02-Nov-2020 2:34 PM
अचानकमार में बाइसन दर्शन

भीमकाय बॉडी बिल्डर इंडियन बाइसन यानी गौर इस बार बरसात में जंगल का खूब सेवन कर मोटिया गए हैं। वजन 600 से 1000 किलो तक, नर के काली चमकदार देह। 

कल से छत्तीसगढ़ का अचानकमार पार्क सैलानियों के लिए खुल गया है, यह पार्क वैसे तो टाइगर रिजर्व है, पर टाइगर कम है और जिस वजह गौर खूब पनप गए हैं, ये दलों में रहते हैं और लेपर्ड इनका शिकार कर सके यह अपवाद होता है।

यदि भीमकाय गौर से रूबरू होना है, तो अचानकमार बढिय़ा नेशनल पार्क है। सदाबहार साल, बांस के ऊंचे वन की गोद में अमरकंटक की तराई, जहां की स्वस्थ शीतल हवा मन जीत लेगी। सफारी जिप्सी का प्रबंध वन विभाग ने किया है, सुबह शाम ये जिप्सी वन्यजीवों के दर्शन के लिए पर्यटकों को जंगल के भीतर ले जाती है। 

लोग बायसन को गलती से वनभंैसा समझ लेते हैं, जबकि यह उस परिवार का नहीं।

गौर दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाने वाला एक बड़ा, काले लोम से ढका गोजातीय पशु है। आज इसकी सबसे बड़ी आबादी भारत में पाई जाती हैं। गौर जंगली मवेशियों में से सबसे बड़ा होता है। पालतू गौर ‘गायल’ या ‘मिथुन’ कहलाता है। (जानकारी विकिपीडिया से)
(फोटो- 1 नबम्बर 2020 की है।)
वैज्ञानिक नाम : बोस गोरस


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