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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 सितंबर। कोरोना विपदा से घिरे प्रवासी मजदूर गांव में काम न मिलने के कारण एक बार फिर ईट भट्टा में काम करने के लिए दूसरे प्रदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।
जांजगीर जिले के गांव पड़ारीखुर्द की सावित्री लहरे ने बताया कि वह अपने पति और बेटों के साथ पंजाब के ईटभट्ठा में काम कर रही थी, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के कारण वहां काम बंद हो गया और मजबूरन उन्हें परिवार सहित गांव लौटना पड़ा। गांव में रहते हुए तीन महीने हो गए हैं, लेकिन गांव में उनके परिवार को काम नहीं मिल पाया है। राशन कार्ड पर 40 किलो चावल, एक किलो चना, नमक मिला, लेकिन इससे गुजारा करना कठिन हो गया है। 15 हजार कर्ज अलग हो गया है।
सावित्री कहती हैं अब कोरोना के डर से घर में भूखे तो नहीं मर सकते हैं इसलिए हम वापस पंजाब जा रहे हैं। वहां ईटभट्ठा में काम मिल जाएगा। यहां तो न खेती किसानी में काम मिल रहा है और न ही मनरेगा में ही काम मिला है। पंजाब के ठेकेदार ने हमारे खाते में 7 हजार डाल दिया है उससे थोड़ा बहुत कर्ज भी चुका देंगे।


