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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अगस्त। विधानसभा में यूरिया की कमी और घटिया खाद वितरण पर शुक्रवार को विपक्षी भाजपा सदस्यों ने काम रोको प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रूपए की रासायनिक खाद की आपूर्ति की गई। किन्तु विभाग ने इसकी जांच तक नहीं कराई। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस बात से इंकार किया कि यूरिया की कोई कमी है। उन्होंने कहा कि किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर दूकान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। श्री चौबे ने नकली बीज की आपूर्ति से भी इंकार किया।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर व धरमलाल कौशिक सहित अन्य सदस्यों ने खाद-बीज की आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को सभी प्रकार के फसलों और उद्यानिकी के लिए खाद, बीज व कीटनाशक की आपूर्ति की गई थी, जिसस बेहतर गुणवत्ता वाली अच्छी फसल का उत्पादन हो सके। किसानों के लिए कृषि-बीज विकास निगम द्वारा करोड़ों रूपए की रसायनिक खाद की आपूर्ति कृषि विभाग को की गई, जिसकी गुणवत्ता की जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा।
भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि विगत विधानसभा सत्र में धान बीज की गुणवत्ता के संबंध में चर्चा हुई थी, जिसमें साफतौर पर गाईडलाइन के मुताबिक शासन के मान्यता प्राप्त संस्था से टेस्ट कराने के बाद ही वितरण करने के निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ राज्य कृषि एवं बीज विकास निगम व शासन-प्रशासन ने इन कंपनियों से घटिया खाद क्रय कर किसानों में वितरण किए जिसका परिणाम पूरे प्रदेश में किसानों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसी ही नकली बीज वितरण का भ्रष्टाचार प्रदेशभर में छाए हुए हैं, इन बीजों का बिना डीएनए टेस्ट किए प्रदेश के किसानों में वितरित कर दिया गया।
इसके जवाब में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि बीज निगम द्वारा करोड़ों रूपए की रासायनिक खाद की आपूर्ति कृषि विभाग को की गई, किन्तु वास्तविकता यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा रासायनिक खादों के खरीदी-बिक्री की कार्यवाही ही नहीं की जाती है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता व भ्रष्टाचार करने संबंधी कथन मिथ्या है।
उन्होंने कहा कि बीज निगम द्वारा कहीं कोई नकली बीजों का वितरण किया गया है। वास्तविकता यह कार्यक्रम में जुड़े उन्नत कृषकों, स्वयं द्वारा संचालित कृषि फार्म में उत्पादित एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाणित उन्नत बीज ही कृषकों को आपूर्ति की जाती है। इसके अतिरिक्त जरूरत अनुसार राष्ट्रीय बीज निगम, हिन्दुस्तान इन्सेक्टिसाइड लिमिटेड एवं अन्य राज्यों के बीज निगम एवं पंजीकृत सोसाइटियों से भी प्रमाणित बीज क्रय कर इसकी आपूर्ति किसानों को की जाती है। यह कहना सर्वथा उचित नहीं है कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा किसी भी प्रकार की कोई अमानक बीज कृषकों को वितरण किया गया है।


