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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अगस्त। गरियाबंद के तालझोर नाला में स्टापडेम निर्माण में गड़बड़ी का मामला शुक्रवार को विधानसभा में उठा। कांग्रेस सदस्य धनेन्द्र साहू ने जोर देकर कहा कि स्टापडेम पिछले साल बह गया था। मगर विभाग के लोगों ने मंत्री को गलत जानकारी दी कि स्टापडेम की मरम्मत का काम चल रहा। उन्होंने टूटे स्टापडेम की तस्वीर भी दिखाई। इस पर जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की और कहा कि ईएनसी स्तर के अफसर इसकी जांच करेंगे।
प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य धनेन्द्र साहू ने मामला उठाया। लिखित जवाब में यह बताया गया कि गरियाबंद के ग्राम गिरसुल के तालझोर नाला में स्टापडेम निर्माण के लिए 62 लाख 23 हजार का टेंडर मेसर्स एचपी कंट्रक्शन को दिया गया था। 8 मई 2018 तक इसको पूरा करना था। कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 31 जनवरी तक समयावृद्धि की गई थी। जिसे 25 जनवरी 2019 को पूरा कर लिया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल अति बारिश के कारण 4 मीटर तक का बंड आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था। जिसे सुधार कर लिया गया। लिखित जवाब पर कांग्रेस सदस्य ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि विभाग ने गलत जानकारी दी है। विधानसभा में सवाल लगा तो सीमेंट की बोरियां गिराई गई है।
श्री साहू ने कहा कि पिछले तीन साल में करोड़ों के काम पीस वर्क में दिए गए हैं। अफसर कार्य स्थल पर नहीं जाते और न ही इसका निरीक्षण करते हैं। श्री चौबे ने कहा कि मुख्य स्ट्रक्चर में गड़बड़ी नहीं है। फिर भी इसकी ईएनसी स्तर के अफसर से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीस वर्क की भी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


